Waiting for the parents’ response, the parents refused to come till the vaccine, after the order of the state government, the education department gave orders to open the school from 19 | पेरेंट्स के जवाब का इंतजार पेरेंट्स कर रहे वैक्सीन आने तक इनकार, राज्य सरकार के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने दिए 19 से स्कूल खोलने के आदेश

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अमृतसर8 घंटे पहले

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मार्च से बंद चले आ रहे स्कूलों को कोरोना काल खोलने के लिए में जद्दोजहद शुरू हो गई है। स्कूल मैनेजमेंट की ओर से सारी तैयारियां कर ली गईं हैं, अब उन्हें पेरेंट्स के जवाब का इंतजार है। पेरेंट्स की हामी िमलते ही स्टूडेंट्स स्कूल आ सकेंगे। ज्यादातर स्कूलों की ओर से पेरेंट्स को कंसेंट फार्म भेज दिए हैं। वहीं कई ऐसे भी स्कूल हैं जो फिजिकली पेरेंट्स को बुलाकर फार्म भरवाएंगे, लेकिन पेरेंट्स की परमिशन के बिना बच्चे स्कूल नहीं आ पाएंगे। कुल मिलाकर पेरेंट्स को ही अपने बच्चों की जवाबदेही लेनी होगी।

डीएवी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, स्टालवार्ट वर्ल्ड स्कूल सहित शहर के कई स्कूलों से बात की गई जिनका कहना है कि वह राज्य और केंद्र सरकार के आदेशों के अनुसार ही स्कूल खोलेंगे, लेकिन पेरेंट्स की जिम्मेदारी सबसे अहम है।

पेरेंट्स ने हां में जवाब नहीं दिया… 30 अक्टूबर तक बंद रहेगा स्कूल

फाउंडर डायरेक्टर मनजोत ढिल्लन के मुताबिक स्कूल बच्चों के स्वागत के लिए तैयार है, लेकिन उनकी तरफ से सब पेरेंट्स को भेजे गए फार्म में से एक भी पेरेंट ने हां नहीं कही है। इसीलिए अब 30 अक्तूबर तक स्कूल बंद ही हैं और उसके बाद ही शायद खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्कूल आने के अलावा पेरेंट्स से और भी कई सवाल पूछे थे जिसमें जवाब मिला कि पेरेंट्स फाइनल एग्जाम स्कूल में ही दिलवाना चाहते हैं लेकिन छोटे बच्चों को नए सेशन से ही भेजेंगे। जनवरी तक कुछ पेरेंट्स विचार कर सकते हैं।

ट्रांसपोर्टेशन इश्यू… कई पेरेंट्स की ‘न’

प्रिंसिपल डाॅ. अंजना गुप्ता ने बताया कि 1 नवंबर से स्कूल खोले जा सकते हैं और इसके लिए सेफ्टी संबंधी सारी तैयारियां मुक्कमल कर ली गई हैं। पेरेंट्स को भी कंसेंट फार्म भेजा गया है जिसका रिस्पांस काफी खराब है। अब तक बहुत से पेरेंट्स ने जवाब नहीं दिया है जिसका कारण ट्रांसपोर्टेशन इश्यू भी है।

1 नवंबर से खोल सकते हैं स्कूल

प्रिंसिपल डाॅ.अनीता भल्ला के मुताबिक स्कूल में पेरेंट्स मीट के दौरान फिजिकली पेरेंट्स से कंसेट फार्म भरवाया जाएगा, क्योंकि घर पर फार्म भेजकर बच्चे ही कई बार भरकर वापस भेज देते हैं। इसीलिए वह फिजिकली पेरेंट्स की परेशानी समझकर 1 नवंबर से स्कूल खोल सकते हैं।

बच्चों के माता-पिता बोले – स्टडी जरूरी नहीं, सेहत पहले

  • 9वीं और 11वीं की छात्राओं के पिता अमित मेहरा के मुताबिक वह पहले खुद जाकर स्कूल में देखेंगें कि सेफ्टी के क्या तरीके हैं। उसके बाद अन्य पेरेंट्स से बात करके फिर सोचेंगे कि भेजना है या नहीं।
  • 9वीं कक्षा के छात्र रितिश के पिता गौरव धवन के मुताबिक वह वैक्सीन आने तक बेटे को स्कूल नहीं भेजेंगे। ऑनलाइन क्लास के जरिए ही स्टडी जारी रखेंगे क्योंकि बच्चों में सोशल डिस्टेंस मेनटेन करना मुश्किल होता है।
  • 12वीं की छात्रा सांवरी के पिता विनय महाजन के मुताबिक बच्चों के लिए स्कूल बेशक सारे सेफ्टी रूल्स अपनाएं लेकिन फिर भी खतरा बरकरार रहता है क्योंकि बच्चे बड़े हो या छोटे उन्हें दोस्तों के मिलने पर रोकना मुश्किल होता है ऐसे में स्कूल भेजने का फैसला लैना मुश्किल है।

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