Tractor Parade Riots: Protesters snatched bullets from constables | ट्रैक्टर परेड हिंसा: FIR में बड़ा खुलासा, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से छीनीं गोलियां, फिर…

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नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर लाल क़िला में हिंसा (Lal Quila Violence) के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दो कांस्टेबलों से दो मैग्जीन के साथ 20 कारतूस, दंगा रोधी इक्विपमेंट भी छीन लिए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. उत्तरी दिल्ली के कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर (FIR) में ये आरोप लगाया गया है. इसमें कहा गया है कि लाल किला पर हिंसा के दौरान 141 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.

प्रदर्शनकारियों ने किया बंदूके छीनने का प्रयास

एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बंदूकें भी छीनने का प्रयास किया था लेकिन दोनों कांस्टेबल अपना हथियार सुरक्षित रख पाने में कामयाब रहे. हालांकि, वे मैग्जीन नहीं बचा सके. FIR में बताया गया कि भीड़ ने कांस्टेबल भवानी सिंह की MP-5 बंदूक छीनने का प्रयास किया था. हालांकि वह बंदूक सुरक्षित रख पाने में सफल रहे लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी 20 कारतूस की मैग्जीन छीन ले गए. इसी तरह भीड़ ने कांस्टेबल नरेश की SLR बंदूक के 20 कारतूसों को भी लूट लिया.

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कंट्रोल रूम में मिली थी बैरिकेडिंग तोड़ने की हिंसा

एफआईआर में घटनाक्रम को विस्तार से बताते हुए लिखा है, ‘गणतंत्र दिवस समारोह के कारण लाल किला परिसर और आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात थी. पुलिस ने चार मार्गों से किसानों को ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाजत दी थी. उन्हें कोतवाली क्षेत्र में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गई.’ इसमें आगे कहा गया है कि दोपहर करीब 12 बजे उत्तरी जिला कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि राजघाट से शांति वन चौक होकर बड़ी संख्या में किसान आ रहे हैं. गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जगह-जगह बैरिकेडिंग भी लगाए गए थे. बाद में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ डाला और लाल किला की ओर जाने लगे.

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कैसे बढ़ती गई लाल किले की हिंसा? 

एफआईआर के मुताबिक, जब किसान लाल किला की ओर बढे़ तो उस समय नेताजी सुभाष मार्ग के जरिए झांकी भी गुजर रही थी. इसके बाद प्रदर्शनकारी लाल किला परिसर में घुस गए और इसकी प्राचीर पर चले गए. भीड़ ने वहां पर अपना झंडा लगा दिया. उन्होंने उपद्रव करना शुरू कर दिया. भीड़ से नीचे आने को कहा गया. वे मीना बाजार क्षेत्र में जाना चाहते थे. पुलिस उन्हें लाहौरी गेट तक ले जा रही थी. इस बीच भीड़ हिंसक हो गई और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया. भीड़ ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की और उन्हें दीवार की तरफ धकेल दिया.

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एफआईआर में दीप सिद्धू और लक्खा नामजद

भीड़ ने एक बस, एक सरकारी जिप्सी और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया. भीड़ दंगा रोधी इक्विप्मेंट- लाठियां, शील्ड, हेलमेट आदि सामान भी छीन ले गई. भीड़ ने लाहौरी गेट शौचालय के पास कुछ पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया और टिकट काउंटर में तोड़फोड़ की. दिल्ली पुलिस ने लाल किला से जुड़ी घटना के मामले में एफआईआर में दीप सिद्धू और लक्खा सिद्धाना को भी नामजद किया है. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 186 (लोकसेवक के काम में बाधा डालना), धारा 353 (लोकसेवक को उसकी ड्यूटी से रोकने के लिए हमला), 308 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास), 152 (दंगा के दौरान लोकसेवक पर हमला), 397 (लूटपाट, डकैती के साथ हमले का प्रयास) और 307 (हत्या के प्रयास) के तहत आरोप लगाए हैं.

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