Punjab : An All-party Meeting Is Going On The Issue Of Farmers. – किसान आंदोलन पर पंजाब के मुख्यमंत्री बनाएंगे एक राय, सर्वदलीय बैठक में चर्चा 

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चंडीगढ़ में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
– फोटो : ANI

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पंजाब में किसान आंदोलन के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सभी राजनीतिक दलों की एक राय बनाने में जुट गए हैं। चंडीगढ़ के किसान भवन में इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक चल रही है। इसमें किसान आंदोलन पर सभी दलों की एक राय बनाने के साथ ही दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के साथ होने वाली हिंसा को लेकर भी चर्चा की जाएगी। 

 

बैठक में कृषि कानूनों के मुद्दे और दिल्ली में ताजा घटनाओं के मद्देनजर किसान आंदोलन पर अगले रास्ते के लिए आम सहमति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को किसानों की हिमायत और पंजाब के हितों को मुख्य रखते हुए एकजुट होकर इस बैठक में शिरकत करने का न्योता देते हुए कहा कि कृषि कानूनों से पैदा हुआ संकट समूचे राज्य और इसके लोगों के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि समूह पंजाबियों के साझे यत्नों और राज्य के सभी राजनीतिक दलों के एक साथ इस समस्या को प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इसमें बड़ी संख्या में पंजाब के किसानों को नुकसान हो रहा है, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि सभी पार्टियां एक मंच पर आकर इस मसले पर साझी रणनीति बनाएं। यह समय अपना घमंड रखने का नहीं बल्कि अपने राज्य और लोगों को बचाने के लिए एकजुट होने का है।

 

पंजाब में किसान आंदोलन के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सभी राजनीतिक दलों की एक राय बनाने में जुट गए हैं। चंडीगढ़ के किसान भवन में इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक चल रही है। इसमें किसान आंदोलन पर सभी दलों की एक राय बनाने के साथ ही दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों के साथ होने वाली हिंसा को लेकर भी चर्चा की जाएगी। 

 

बैठक में कृषि कानूनों के मुद्दे और दिल्ली में ताजा घटनाओं के मद्देनजर किसान आंदोलन पर अगले रास्ते के लिए आम सहमति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों को किसानों की हिमायत और पंजाब के हितों को मुख्य रखते हुए एकजुट होकर इस बैठक में शिरकत करने का न्योता देते हुए कहा कि कृषि कानूनों से पैदा हुआ संकट समूचे राज्य और इसके लोगों के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि समूह पंजाबियों के साझे यत्नों और राज्य के सभी राजनीतिक दलों के एक साथ इस समस्या को प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इसमें बड़ी संख्या में पंजाब के किसानों को नुकसान हो रहा है, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि सभी पार्टियां एक मंच पर आकर इस मसले पर साझी रणनीति बनाएं। यह समय अपना घमंड रखने का नहीं बल्कि अपने राज्य और लोगों को बचाने के लिए एकजुट होने का है।

 



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