Penalty stroke of Minerva Academy to prevent youth from intoxicants. | चंडीगढ़ में फुटबॉल कल्चर लाने वाली मिनर्वा एकेडमी का प्रयास- ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी खेल से जुड़ें

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चंडीगढ़39 मिनट पहले

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देश की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग में से एक आईलीग को डेब्यू पर ही जीतने का कारनामा करने वाली मिनर्वा एकेडमी अब एक लेवल आगे आकर काम कर रही है। मिनर्वा ने फुटबॉलर्स को तो सही राह दी है और अब वे छोटे बच्चों को भी सही दिशा देने की कोशिश में लगे हैं।

  • बॉल2ऑल के साथ मिलकर मिनर्वा एकेडमी कर रही युवाओं के लिए काम

स्टार फुटबॉलर्स की जगह भी दिखाई
मिनर्वा एकेडमी की ओर से कई स्टार फुटबॉलर खेले हैं और इसमें कई विदेशी फुटबॉलर भी शामिल थे। मिनर्वा ने गांव के सभी बच्चों को एकेडमी का दौरा भी कराया और वो जगह दिखाई, जहां पर स्टार फुटबॉलर प्रैक्टिस करते हैं। इससे बच्चों को मोटिवेशन मिलेगी और वे गलत संगत से खुद को बचाने की कोशिश करेंगे।

‘इससे बच्चों का हौसला बढ़ेगा’
दाऊं गांव के सरपंच अजमेर सिंह ने भी इस प्रयास के लिए मिनर्वा का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा कि वे एकेडमी के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने बच्चों को इस तरह से खेलने का मौका दिया है। इससे बच्चे गलत दिशा में न जाकर खेलों से जुड़ेंगे और यही मिनर्वा व सभी चाहता है। इससे बच्चों का हौसला बढ़ेगा और वे कुछ नया सीखने की कोशिश करेंगे। गेम की मदद से उनमें एकजुटता और अनुशासन आएगा।

‘बच्चों के लिए ये करना हमारा फर्ज है’
मिनर्वा एकेडमी की डायरेक्टर हिना बजाज ने रीजन के फुटबॉल के लिए बहुत काम किया है और वे युवाओं को सही दिशा देने को अपनी फर्ज मानती हैं। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और बच्चों को खेलने का मौका देना जरूरी है। इन्हीं में से कल कोई अच्छा प्लेयर बनेगा जो देश का सम्मान बढ़ाएगा। हम बच्चों में लीडरशिप क्वालिटी के साथ साथ आत्मविश्वास और कौशल का विकास करने का छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।



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