संसद का नया भवन होगा पांच सितारा सुविधाओं से लैस, 1000 सांसदों के बैठने की होगी व्यवस्था

0
69

नई दिल्ली, सुरेंद्र प्रसाद सिंह। देश की राजधानी दिल्ली का चेहरा बदलने की पहल शुरू कर दी गई है। संसद भवन को पांच सितारा बनाने की तैयारी चल रही है। आधुनिकतम टेक्नोलॉजी से युक्त होने की वजह से देश के नये संसद भवन पर साइबर हमला संभव नहीं होगा। नया संसद भवन भूकंपरोधी और फायरप्रूफ होगा। प्रस्तावित योजना में अगले ढाई सौ साल तक की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। परियोजना के समय पर पूरा करने के लिए कंसलटेंट कंपनी काचयन किया गया है, जो आइडिया, डिजाइन और प्लानिंग के साथ क्रियान्वयन का काम भी करेगी।

आर्किटेक्चर के आइडिया देने के लिए वैश्विक टेंडर

चयनित कंसलटेंट कंपनी के मसौदे को मंजूरी के बाद उस पर लोगों की राय लेने के लिए वेबसाइट पर डाला जाएगा। डिजाइन व आर्किटेक्चर के आइडिया देने के लिए वैश्विक टेंडर में कुल 24 कंपनियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से प्रक्रिया के बाद छह को चुना गया था। प्रो. पीएसएन राव की छह सदस्यीय समिति अंत में एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया। कंपनी को शुल्क के रूप में 229 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह कंसलटेंट कंपनी परियोजना के आर्किटेक्चर और डिजाइनिंग के साथ क्रियान्वयन कराने का कार्य भी करेगी, जबकि परियोजना की नोडल एजेंसी सीपीडब्लूडी होगी।

निर्माण में आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का प्रयोग

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इसके निर्माण में आधुनिकतम टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा। पुरी शुक्रवार को यहां आयोजित एक प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि संसद के नये भवन, कामन सेंट्रल सचिवालय और सेंट्रल विस्टा के निर्माण जैसे अत्यंत अहम कार्य के लिए एक विश्व स्तरीय कंपनियों को अनुबंधित किया जाएगा।

नया संसद भवन साइबर क्राइम मुक्त

केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया नया संसद भवन परिसर में साइबर क्राइममुक्त होगा। भवन को फायरप्रूफ बनाने के लिए वैश्विक आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा। शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेक्नोलॉजी के लिए कहीं भी संपर्क किया जा सकता है। यह इमारत ढाई सौ साल की जरूरतों के हिसाब से बनाई जाने वाली है। इसके निर्माण में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जा सकती है।

एक हजार से अधिक सांसदों के बैठने की व्यवस्था

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री पुरी ने बताया कि संसद के नये भवन में एक हजार से अधिक सांसदों के बैठने की व्यवस्था होगी। सभी सांसदों के साथ उनके स्टाफ के लिए भी अलग-अलग कमरे दिये जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 10 से 15 लाख वोटरों के प्रतिनिधियों को संसद भवन में बैठने की उचित व्यवस्था तो होनी ही चाहिए। पुराने संसद भवन के उचित उपयोग पर विचार किया जा सकता है। हेरिटेज भवन के तौर पर उसका बाहरी हिस्सा जस का तस बना रहेगा, जबकि अंदरुनी हिस्से में बदलाव किये जाने की संभावना है।

12450 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान

सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बताया कि देश की शान से जुड़े इस प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसमें सबसे अच्छे वास्तुकारों के साथ प्लानिंग भी भविष्य को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने बताया कि मई 2020 तक सारे निर्माण कार्य चुनी कई कंपनियों को आवंटित कर दिये जाएंगे। सीपीडब्लूडी के डायरेक्टर जनरल प्रभाकर सिंह ने बताया कि पूरी परियोजना की नोडल एजेंसी के रूप में उनका विभाग काम करेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि संसद भवन की नई इमारत, कामन केंद्रीय सचिवालय और सेंट्रल विस्टा का काम कराने के लिए प्राथमिक तौर पर 12450 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है। नार्थ और साउथ ब्लॉक की इमारतों को भूकंपरोधी ट्रीटमेंट की सख्त जरूरत है, जिसे इसी दौरान पूरा किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन समेत इन हेरिटेज इमारतों को संरक्षित किया जाएगा।