क्या असल में हटाया गया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर से परिणीति का नाम ? पढ़ें पूरा विवाद

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की पूरे देशभर के साथ बॉलीवुड फिल्मी सितारों ने भी कड़ी निंदा की। लेकिन इस मामले पर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के बायन के कारण हर तरफ विवाद का माहौल बन गया है।
दरअसल, उनके एक ट्वीट के बाद कांग्रेस की तरफ से ये कहा गया कि इस पर बयानबाजी की वजह से अभिनेत्री को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर से हटा दिया गया है। मामले ने तूल पकड़ा तो इस पर हरियाणा सरकार ने सफाई दी। अब इस पूरे विवाद के बाद परिणीति की तरफ से एक बयान जारी किया गया है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर से हटाए जाने की खबरों का परिणीति चोपड़ा के प्रवक्ता ने खंडन किया है।
अभियान से नही हटाया गया था परिणीति का नाम …
प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि परिणीति को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका अभियान से जुड़ाव दो साल पहले ही खत्म हो चुका है। हरियाणा सरकार ने 2015 में परिणीति को अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया था। अभिनेत्री के प्रवक्ता ने कहा, ‘अभियान के साथ परिणीति का जुड़ाव अप्रैल 2017 में खत्म हो चुका है। इन अटकलों में सच्चाई नहीं है और हम इस बारे में रिपोर्टिंग से परहेज करने का अनुरोध करते हैं।
If this is what’s gonna happen everytime a citizen expresses their view, forget #CAB, we should pass a bill and not call our country a democracy anymore! Beating up innocent human beings for speaking their mind? BARBARIC.
परिणीति ने ट्वीट कही थी ये बात …
परिणीति ने ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘अगर नागरिकों द्वारा अपने विचार व्यक्त करने से हर बार यही होता रहे तो कैब को भूल जाइये। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतांत्रिक देश कहना छोड़ देना चाहिए। अपने मन की बात कहने के लिए निर्दोष लोगों की पिटाई की जा रही है? बर्बर है।’ परिणीति की खबर को ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर लिखा था, ‘खट्टर साहब हरियाणा की बेटियां पढ़ी लिखी भी हैं, समझदार भी और अपने विचार व्यक्त करने का साहस रखने वाली भी। उन्हें ब्रांड एंबेसडर से हटा कर और बौखला कर आप उनकी आवाज नहीं दबा सकते। और जजपा चुप क्यों है? कितनों की आवाज दबाओगे और आखिर कब तक?
खट्टर साहब हरियाणा की बेटियां पढ़ी लिखी भी हैं, समझदार भी और अपने विचार व्यक्त करने का साहस रखने वाली भी।
उन्हें ब्रांड ऐम्बैसडर से हटा कर और बोखला कर आप उनकी आवाज़ नही दबा सकते।
और जजपा चुप क्यों है?
कितनों की आवाज दबाओगे और आखिर कब तक?https://t.co/Wah61i4Gue
परिणीति चोपड़ा ने साइन किया था एमओयू …
जानकारी के लिए बताते चलें कि, हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के प्रवक्ता ने बताया था कि सही तथ्यात्मक स्थिति यह है कि सरकार ने अप्रैल, 2017 तक चलने वाले एक वर्ष की अवधि के लिए मई, 2016 में परिणीति चोपड़ा के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसके पश्चात एमओयू को कभी भी नवीनीकृत नहीं किया गया। परिणीति का करार 2017 में खत्म हो गया था और सिर्फ रेसलर साक्षी मलिक अभी इस अभियान की अंबेसडर हैं।