Now A Museum Will Built In Memory Of Shaheed Udham Singh At Sunam Of Punjab – शहीद ऊधम सिंह : अब संग्रहालय में रखा जाएगा शहीद से जुड़ा सामान, सरकार ने नक्शे में किया संशोधन  

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सार

शहीद ऊधम सिंह को समर्पित, यादगार व संग्रहालय बनाने की मांग दो दशकों से भी ज्यादा समय से चली आ रही है।

सुनाम में बन रही शहीद ऊधम सिंह की यादगार।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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देश के महान शहीद ऊधम सिंह के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुओं को संभाले जाने की आस बंधी है। पंजाब के सुनाम में शहीद के पैतृक स्थल पर बन रही यादगार के भीतर अब ओपन एयर थियेटर की जगह संग्रहालय बनेगा। इसके लिए सरकार ने बकायदा ड्रांइग को रिवाइज किया है। इसकी जानकारी सरकार के सभ्याचारक मामले, पुरातत्व व अजायब घर विभाग ने आरटीआई में दी है। 

शहीद ऊधम सिंह के जीवन पर रिसर्च कर रहे राकेश कुमार ने सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। जानकारी में विभाग ने बताया है कि संग्रहालय करीब 30 फीट लंबा और 24 फीट चौड़ा होगा। 

शहीद को समर्पित, यादगार व संग्रहालय बनाने की मांग दो दशकों से भी ज्यादा समय से चली आ रही है। पंजाब में पिछली अकाली भाजपा सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में इसका नींव पत्थर रख पाई थी। जबकि वर्तमान कैप्टन सरकार भी अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। 

बठिंडा रोड पर दो करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से बन रही यादगार के निर्माण का आगाज ढाई साल पहले मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और मंत्री विजयइंदर सिंगला ने किया था। इसके बाद यादगार स्थल के भीतर संग्रहालय बनाने की मांग ने जोर पकड़ा। सरकार ने इसके नक्शे को बदल कर संग्रहालय बनाने को हरी झंडी दे दी है लेकिन निर्माण की धीमी गति से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। 

लेखक राकेश कुमार ने मांग की कि यादगार और संग्रहालय का निर्माण इस 31 जुलाई से पहले पूरा किया जाए। ऐसा नहीं होने तक शहीद की नगरी के लोग चुप नहीं बैठेंगे। साथ ही विदेशों में रखी शहीद के जीवन से जुड़ी वस्तुओं (कपडे़, वह रिवाल्वर जिससे माइकल ओ डायर को मारा था, लिटरेचर, हस्तलिखित खत व अन्य सामान) को भारत लाने की मांग उठाई।

विस्तार

देश के महान शहीद ऊधम सिंह के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुओं को संभाले जाने की आस बंधी है। पंजाब के सुनाम में शहीद के पैतृक स्थल पर बन रही यादगार के भीतर अब ओपन एयर थियेटर की जगह संग्रहालय बनेगा। इसके लिए सरकार ने बकायदा ड्रांइग को रिवाइज किया है। इसकी जानकारी सरकार के सभ्याचारक मामले, पुरातत्व व अजायब घर विभाग ने आरटीआई में दी है। 

शहीद ऊधम सिंह के जीवन पर रिसर्च कर रहे राकेश कुमार ने सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी। जानकारी में विभाग ने बताया है कि संग्रहालय करीब 30 फीट लंबा और 24 फीट चौड़ा होगा। 

शहीद को समर्पित, यादगार व संग्रहालय बनाने की मांग दो दशकों से भी ज्यादा समय से चली आ रही है। पंजाब में पिछली अकाली भाजपा सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में इसका नींव पत्थर रख पाई थी। जबकि वर्तमान कैप्टन सरकार भी अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। 

बठिंडा रोड पर दो करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से बन रही यादगार के निर्माण का आगाज ढाई साल पहले मंत्री साधु सिंह धर्मसोत और मंत्री विजयइंदर सिंगला ने किया था। इसके बाद यादगार स्थल के भीतर संग्रहालय बनाने की मांग ने जोर पकड़ा। सरकार ने इसके नक्शे को बदल कर संग्रहालय बनाने को हरी झंडी दे दी है लेकिन निर्माण की धीमी गति से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। 

लेखक राकेश कुमार ने मांग की कि यादगार और संग्रहालय का निर्माण इस 31 जुलाई से पहले पूरा किया जाए। ऐसा नहीं होने तक शहीद की नगरी के लोग चुप नहीं बैठेंगे। साथ ही विदेशों में रखी शहीद के जीवन से जुड़ी वस्तुओं (कपडे़, वह रिवाल्वर जिससे माइकल ओ डायर को मारा था, लिटरेचर, हस्तलिखित खत व अन्य सामान) को भारत लाने की मांग उठाई।

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