मोदी के बयान ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई : जाखड़

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चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनिल जाखड़ ने आज कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) बंदी शिविरों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।रविवार को रामलीला मैदान पर रैली में प्रधानमंत्री के बयान पर श्री जाखड़ ने कहा कि यह बयान गैरजिम्मेदाराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत सरकार देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। श्री जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार को बंदी शिविर बनाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है जबकि सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में इसी साल 24 जुलाई को कहा कि भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नौ जनवरी को मॉडल डिटेंशन सेंटर मैन्युअल और बंदी शिविरों की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में लिखा था।श्री जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान और उनके मंत्री का संसद में दिया बयान विरोधाभासी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री का बयान सही है तो वह अपने मंत्री को हटाएं जिन्होंने संसद में भ्रमित करने वाला बयान दिया और यदि मंत्री का बयान सही है तो प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें।

श्री जाखड़ ने प्रधानमंत्री को भाजपा के चुनावी घोषणापत्र की भी याद दिलाई जिसमें बिंदु क्रमांक 7 में स्पष्ट कहा गया है कि भाजपा एनआरसी लागू करेगी।कांग्रेस सांसद ने कहा कि अंग्रेज शासकों ने भारत को धार्मिक आधार पर बांटने की कोशिश की थी पर सफल नहीं हुए और वह अधूरा कार्य अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि दरअसल अपनी विफलताओं से ध्यान बंटाने के लिए ही भाजपा धार्मिक घृणा फैलाकर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के युवा शिक्षा और रोजगार मांग रही है तो मोदी सरकार विश्वविद्यालयों में पुलिस भेज रही है।श्री जाखड़ ने आरोप लगाया कि चूंकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सबसे पहले एनआरसी के खिलाफ आवाज उठाई इसलिए केंद्र सरकार ने प्रदेश के 6000 करोड़ रुपये रोक लिये हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र का यह व्यवहार देश के संघीय ढांचे के प्रतिकूल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी केंद्र के देश के संविधान से छेड़छाड़ के इरादों को सपुल नहीं होने देगी।