mamata banerjee offered self in exchange for kandahar hostages says yashwant sinha | Mamata Banerjee ने की थी यात्रियों की रिहाई के लिए बंधक के रूप में जाने की पेशकश: यशवंत सिन्हा

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कोलकाता:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के धुर विरोधी यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) शनिवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए. सिन्हा पश्चिम बंगाल विधानसभा (West Bengal Assembly election) के लिए आठ चरणों में होने वाले चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. सियासी पारी के इस दौर में उन्होंने कंधार विमान अपहरण (Kandahar Hostages Case) से जुड़े मामले की एक पुरानी याद को साझा किया है. 

ममता बनर्जी योद्धा: सिन्हा

यशवंत सिन्हा ने कहा कि करीब दो दशक पहले कंधार विमान हाईजैक मामले में यात्रियों की रिहाई के लिए तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने बंधक के रूप में वहां जाने की पेशकश की थी. गौरतलब है कि ये अप्रत्याशित घटनाक्रम 24 दिसंबर 1999 को सामने आया था जब एयर इंडिया (Air India) के विमान को हाईजैक कर लिया गया था. 

सिन्हा ने कहा, ‘मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि जब भारतीय विमान (IC 814) को हाईजैक कर लिया गया था और उसे अपहरणकर्ता अफगानिस्तान के कंधार ले गये थे, तब मंत्रिमंडल की एक बैठक हुई थी. तब उन्होंने ये पेशकश की थी कि वह बंधक के रूप में जाएंगी, लेकिन शर्त यह होगी कि आतंकवादियों को अन्य यात्रियों को रिहा करना होगा.’ उन्होंने TMC प्रमुख की तारीफ करते हुए कहा कि वह शुरू से ही योद्धा रही हैं, उन्हें अपनी जान का डर नहीं है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर हमला करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘उनके शासन में देश का लोकतंत्र खतरे में है. दोनों विपक्ष की राय कुचलने में विश्वास करते हैं. अटल जी लोगों को साथ लेकर चलने में भरोसा करते थे लेकिन आज का बीजेपी शासन लोगों पर जीत दर्ज करने में भरोसा करता है.’ उन्होंने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ चुनाव जीतने के लिए नहीं बल्कि गणतंत्र को बचाने के लिए है.

‘TMC में शामिल होने की वजह’

सिन्हा ने कहा ,‘यह सरकार चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कर सकती है. ममता जी पर हमले की वजह से मैंने उनके साथ काम करने का फैसला किया.’ उनकी ये टिप्पणी 10 मार्च को ममता बनर्जी पर नंदीग्राम में हुए कथित हमले के संदर्भ में आई. सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया कि TMC में शामिल होने का फैसला करने से पहले उनकी करीब 45 मिनट तक ममता से बातचीत हुई थी. 

यशवंत सिन्हा का राजनीतिक करियर

सिन्हा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व से मतभेदों के चलते वर्ष 2018 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी. सिन्हा ने वर्ष 1990 में चंद्रशेखर की सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी निभाई थी और इसके बाद वाजपेयी मंत्रिमंडल भी उन्हें इस मंत्रालय का कार्यभार मिला. उन्होंने वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई. जीवन के आठ दशक पूरे कर चुके सिन्हा ने वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भी तृणमूल कांग्रेस के लिए प्रचार किया था.

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