India’s ‘Romeo Helicopter’ will tackle China-Pakistan challenge at sea |चीन की नेवी का गुरूर तोड़ेगा भारत, अगले साल नौसेना को मिलने जा रहे हैं ये ‘साइलेंट किलर’

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विशाखापत्तनम: चीन अपनी जिस ताकत को समंदर में बार-बार प्रदर्शित करता है. उसका तोड़ भारतीय नौसेना ने ढूंढ निकाला है. यह तोड़  MH-60 रोमियो हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter)  है. ये हेलीकॉप्टर चीन के गुरूर को समुद्र में चकनाचूर कर देंगे. 

लॉकहीड मार्टिन कंपनी करेगी आपूर्ति
बता दें कि अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन कंपनी ने भारतीय नौसेना दिवस के अवसर का ट्वीट करके भारत को मिलने जा रहे एमएच-60आर यानि ‘रोमियो’ हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter) की पहली तस्वीर साझा की थी. माना जा रहा है कि जल्दी ही ये रोमियो हेलीकॉप्टर भारत आ जाएंगे और भारतीय नौसेना की जंगी बेड़े में शामिल हो जाएंगे. इनका जिक्र सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रप ने किया था. 

साइलेंट पनडुब्बी किलर हैं रोमियो हेलीकॉप्टर
हिंद महासागर में चीन की नौसेना अपनी पनडुब्बी ताकत की वजह से काफी ताकतवर है. लेकिन मॉर्डन वॉरफेयर में रोमियो  सबसे बेहतरीन और एडवांस मैरीटाइम हेलीकॉप्टर है. जिन्हें समुद्र में साइलेंट पनडुब्बी किलर के रूप में भी जाना जाता है. यानी दुश्मन चाहे पानी के अंदर हो या बाहर, रोमियो हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter) अपनी घातक मिसाइलों से उसे आसानी से निशाना बना सकता है. 

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चौथी जनरेशन का एडवांस हेलीकॉप्टर है ‘रोमियो’
रोमियो चौथी जनरेशन का सबसे एडवांस हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter) है. इनकी सबसे बड़ी ताकत ये है कि ये पनडुब्बियों को तबाह करने में सक्षम है.. इसके साथ-साथ रोमियो हवा से जमीन पर मार करने में भी सक्षम है. रोमियो हेलीकॉप्टर्स  एंटी -सबमरीन मार्क 54 टॉरपीडो से भी लैस होते हैं. इसके साथ-साथ इनमें हेलफायर एयर टू सरफेस मिसाइल भी हैं यानी हवा से जमीन पर मार करने मे यें सक्षम हैं. इनका इस्तेमाल निगरानी, सूचना और सर्च में भी किया जा सकता है.  साथ ही ये गनफायर और लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी कारगर हैं. इनका कॉकपिट सबसे एडवांस है. ये हेलीकॉप्टर्स एडवांस ट्रैकिंग और सेंसर सिस्टम से भी लैस हैं. 

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नई चुनौतियों से निपटने के लिए की जा रही है खरीद
सूत्रों के मुताबिक नौसेना के एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर्स, सीकिंग काफी पुराने पड़ चुके हैं. ये सीकिंग हेलीकॉप्टर एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात हैं. ऐसे में समुद्र में नई उभर रही चुनौतियों को देखते हुए नौसेना ने अब रोमियो (Romeo Helicopter) जैसे आधुनिक हेलीकॉप्टरों की खरीद को तरजीह दी है. इसके अलावा कोचिन शिपयार्ड में तैयार हो रहा स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत के लिए भी नौसेना को MH 60 रोमियो हेलीकॉप्टर्स की जरूरत है.

समुद्र में छिपी पनडुब्बियों का करेगा खात्मा
समुद्र में चीन की चुनौती को खत्म करने वाला रोमियो हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter) हैलफायर मिसाइल से लैस होगा. इसके साथ ही इनमें रॉकेट और टॉरपीडो की ताकत भी होगी. जो समंदर मे कई सौ मीटर नीचे दुश्मन की पनडुब्बी को आसानी से तबाह कर सकती है. इसके अंदर आधुनिकतम सेंसर भी लगा होगा, जो समुद्र की गहराइयों में छिपी पनडुब्बियों को ढूंढ सकेगा. 

रेसक्यू-सर्च में भी नौसेना के मिलेगी मदद
हिंद महासागर में जिस तरह लगातार चीन और पाकिस्तान की पनडुब्बियां भारत के लिए चुनौती बनती जा रही हैं उससे निपटने के लिए भारत को इन रोमियो (Romeo Helicopter) एंटी सबमरीन हेलीकॉप्टर्स से खासी मदद मिलेगी. इसके साथ-साथ ये हेलीकॉप्टर्स रेस्क्यू एंड सर्च ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभाएंगे. ये हेलीकॉप्टर न सिर्फ नौसेना बल्कि भारत की थल सेना के लिए भी अहम जिम्मेदारी निभाते हुए दिखेंगे. 

चीन-पाकिस्तान की चाल फेल करेगा भारत
रोमियो हेलीकॉप्टरों (Romeo Helicopter) का भारत को मिलना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आने वाले समय में चीन 8 एस-20 सबमरीन पाकिस्तान को सौंपने वाला है. इसके जरिए उसकी मंशा भारत को चारों ओर से घेरने की है. लेकिन रोमियो के मिलने के बाद भारत अपने दुश्मनों चीन और पाकिस्तान की इस चाल को फेल कर सकेगा. 

अगले साल मार्च तक मिल सकते रोमियो हेलीकॉप्टर्स
नौसेना सूत्रों का कहना है कि 2021 की पहली तिमाही में रोमियो हेलीकॉप्टर (Romeo Helicopter) भारतीय नौसेना  का हिस्सा बन सकते हैं यानी चीन और पाकिस्तान (China-Pakistan) के लिए रोमिया नाम का खतरा अब उनके सर के ऊपर मंडरा रहा है. हिंद महासागर में चीन जिस आजादी से अपनी पनडुब्बियों को दुश्मन की टोह लेने भेजता था, रोमियो के आने के बाद उसे ऐसा करने से पहले सोचना पड़ेगा. वैसे भी चीन P8-I से पहले ही डरा हुआ था और रोमिया की एंट्री हिंद महासागर में चीन के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगाने में कामयाब रहेगी. 



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