Gwalior News : सिंधिया घराने से जुड़े सरदार आंग्रे के परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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ग्वालियर। प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश के इंदौर के अर्जुन सिंह काक के साथ सिंधिया घराने से जुड़े सरदार आंग्रे के परिवार द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। इसके बाद अर्जुन की शिकायत पर आंग्रे परिवार के सदस्यों व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामला अर्जुन सिंह काक और आंग्रे परिवार की कात्यायनी आंग्रे की शादी से जुड़ा है। असल में अर्जुन का तुलाजीराव आंग्रे की बेटी कात्यायनी आंग्रे (32) से 18 अप्रैल 2018 को विवाह होना तय हुआ था।

इंदौर स्थित धार कोठी 64/67 निवासी (33) पुत्र कर्नल अनिल सिंह ने ग्वालियर एसपी को शिकायत की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पिता सेना से सेवानिवृत हैं। मां इंदौर राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। अर्जुन सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि लड़की पक्ष के लोगों ने मंगलदोष की पूजा कराने के बहाने ऋ षिकेश (उत्तराखंड) में सगाई की और बाद में संगाई को सांकेतिक विवाह करार दिया तथा विवाह का प्रमाण पत्र ऋ षिकेश के बजाय ग्वालियर नगर निगम से बनवाकर भेज दिया।

मामले में अर्जुन सिंह की शिकायत पर ग्वालियर की विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने आंग्रे परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जब तुलाजीराव आंग्रे ने जून 2018 में विवाह का प्रमाण पत्र भेजा, तब अर्जुन सिंह के परिवार को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इसके बाद सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाली गई, तब फर्जीवाड़े का पता लगा। दिलचस्प है कि इस दौरान अर्जुन सिंह और उनके परिवार से कात्यायनी का कोई संबंध नहीं रहा है।

अर्जुन सिंह काक की शिकायत पर आंग्रे साहब का बाड़ा निवासी तुलातीराव (बाल) आंग्रे पुत्र सरदार संभाजीराव आंग्रे, तुलाजीराव की पत्नी श्यामभावी आंग्रे, बेटी कात्यायनी आंग्रे, गुरु (पंडित) अनिल आठले पुत्र दिवाकर पाठक, श्वेता व्ही काकड़े, प्रताप राव घोरपड़े, चित्रलेखा आंग्रे, रमेश चन्द्र व अन्य के खिलाफ पुलिस ने जांच के बाद आईपीसी की धारा 420, 466, 468, 471, 120 बी के तहत मामला दर्ज किया है।

धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है

पुलिस कप्तान पर शिकायत आई थी। जहां से जांच के बाद आवेदन विश्वविद्यालय थाना पुलिस को मामला दर्ज करने के लिए दिया गया। अभी पुलिस ने तुलाजीराव आंग्रे व उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। मामला विवाह के जाली प्रमाण पत्र का है, जांच की जा रही है।