ढींडसा आज संगरूर में अपने निवास पर करेंगे शक्ति प्रदर्शन

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संगरूर : शिरोमणि अकाली दल से बागी हुए सीनियर अकाली नेता व राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींडसा ने बुधवार को संगरूर स्थित अपने निवास पर समर्थकों का इक्ट्ठ बुला लिया है। दूसरी तरफ अकाली दल (ब) के पदाधिकारियों द्वारा हलका स्तर पर अकाली नेताओं को मोबाइल के जरिए प्रोग्राम से दूरी बनाने के संदेश दिए जा रहे हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि यदि वह ढींडसा के समागम में शामिल हुए, तो उन पर पार्टी की अनुशासनीय कार्रवाई की जाएगी। उधर, पूरी कशमकश के बीच अकाली नेता व वर्कर पूरी तरह असमंजस में हैं कि आखिर किया क्या जाए। वर्करों को एहसास है कि अगर ढींडसा के प्रोग्राम में शामिल हुए, तो गाज गिरनी तय है और अगर गैरहाजिर रहे तथा बाद में ढींडसा के गिले-शिकवे दूर हो गए, तो बाद में ढींडसा द्वारा गाज गिरा दी जाएगी।

सुखदेव सिंह ढींडसा 18 दिसंबर को अपने निवास स्थान पर अपने समर्थकों का इक्ट्ठ कर रहे हैं जिसे वर्कर मिलनी का नाम दिया गया है। ढींडसा की टीम द्वारा इस प्रोग्राम के लिए अपने स्तर पर संदेश भी लगाए जा रहे हैं। ढींडसा के समर्थकों का दावा है कि जिला संगरूर और बरनाला में अकाली वर्करों में भारी उत्साह है और वह बड़ी संख्या में ढींडसा के पास उपस्थिति दर्ज करवाएंगे और उन्हें बादल दल के नेताओं की कोई परवाह नहीं है, लेकिन दूसरी तरफ शिअद (ब) के सीनियर पदाधिकारियों द्वारा निजी तौर पर जिला व हलका स्तर के नेताओं को मोबाइल फोन पर कहा जा रहा है कि यदि कोई भी अकाली नेता सुखदेव सिंह ढींडसा के कार्यक्रम में चला गया तो उस पर पार्टी अध्यक्ष द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, भारी संख्या में वर्कर ढींडसा परिवार के साथ डटकर खड़े हैं। ढींडसा परिवार के नजदीकी एक पूर्व चेयरमैन ने बातचीत करते कहा कि ढींडसा परिवार की बदौलत ही वह राजनीति में आए थे और उनकी बदौलत ही आज उन्होंने यह राजनीतिक मुकाम हासिल किया है। वह अपने साथियों के साथ सुखदेव सिंह ढींडसा को जरूर मिलकर आएंगे, चाहे पार्टी जो भी कार्रवाई करे, वह प्रत्येक कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं। एक अन्य अकाली नेता ने तो अपने निजी दफ्तर में काफी समय पहले ही लगी पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल की तस्वीर को उतार दिया, जबकि दफ्तर में सिर्फ सुखदेव सिंह ढींडसा, परमिंदर सिंह ढींडसा व एक अन्य नेता की फोटो ही लगी नजर आ रही है। उनसे जब इस बारे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वह पिछले लंबे समय से सुखदेव सिंह ढींडसा और ढींडसा परिवार के साथ जुड़े हैं। ढींडसा परिवार का कोई भी फैसला होगा उन्हें मंजूर होगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए तो मुख्यमंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा ही हैं।

दिड़बा के एक अकाली नेता ने बताया कि उन्हें ऊपर से फोन आ गया है कि उन्होंने ढींडसा के समागम में शामिल नहीं होना, जिस कारण वह असमंजस में हैं कि वह क्या करें? उन्होंने कहा कि अकाली दल में जिस तरह के हालात बन चुके हैं, वह बनने नहीं चाहिए थे। उन्होंने कहा कि परिवारों में गिले-शिकवे होते रहते हैं और शिअद भी एक परिवार है। उन्होंने प्रकाश सिंह बादल से अपील की कि वह अपने दखल से पार्टी में पड़ने जा रहे दोफाड़ को रोकने के लिए आगे आएं। इसके अलावा बड़ी तदाद में अकाली नेताओं ने इस मामले में चुप्पी साध ली है और कई बड़े नेताओं के फोन बंद आ रहे हैं