Delhi: HSRP number plate is necessary in 4 wheeler, challan of Rs 5500 will be deducted if not | दिल्ली: 4 व्हीलर में HSRP नंबर प्लेट हुई जरूरी, न होने पर कटेगा 5500 रुपये का चालान

0
79

(वैभव परमार) नई दिल्ली: अगर आप दिल्ली-NCR में चार पहिया गाड़ियों से सफर करते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने 15 दिसंबर से राजधानी में सख्ती शुरू कर दी है. अब दिल्ली (Delhi) में बिना HSRP यानी ‘हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट’ और बिना कलर कोड स्टिकर वाले वाहनों पर 5500 रुपये तक का जुर्माना तय है. 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट और परिवहन विभाग के तमाम निर्देशों के बावजूद वाहन चालकों द्वारा इसमें काफी समय से लापरवाही बरती जा रही थी. लेकिन दिल्ली में अब जिन लोगों के पास ये प्लेट और कलर कोड स्टिकर नहीं होगा, उन्हें चालान भरना पड़ेगा. हालांकि राहत की बात ये है कि फिलहाल ये चालान दिल्ली में रजिस्टर्ड चार पहिया वाहनों के लिए ही हो रहा है. जिसे परिवहन विभाग द्वारा ऑनलाइन किया जा रहा है. लेकिन बाद में इस चालान को 2 पहिया वाहन और बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के लिए भी लागू कर दिया जाएगा. 

HSRP और पुरानी प्लेट में क्या अन्तर है?

HSRP का खास मकसद ही यही है कि गाड़ियों की चोरी को रोका जा सके. वाहन चोर, गाड़ियों की चोरी करते समय उसकी नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं, लेकिन अल्यूमीनियम से बनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बदली नहीं जा सकती. इसका कारण है कि इस प्लेट में क्रोमियम धातु से बना नीले रंग के अशोक चक्र का होलोग्राम होता है जो इसकी सुरक्षा बढ़ाता है. इसके अलावा इस प्लेट में अंकों को उभार कर लिखा जाता है जिसे 45 डिग्री एंगल से देखने पर इंडिया लिखा हुआ नजर आता है.

ये भी पढ़ें:- एक्सीडेंट में बेटे को खोया, 1 साल बाद पिता ने टेडी बियर में सुनी धड़कन

एक्सपर्ट ने बताए इसके फायदे और नुकसान

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट टूटू धवन ने बताया कि आज से कुछ 8-10 साल पहले सरकार की तरफ से RTO अथॉरिटीज ने एक नियम निकाला था. जिसके अनुसार, हर गाड़ी के ऊपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएंगी. जिससे गाड़ियों की चोरी रूक सके और उनकी ट्रेसींग की सुविधा मिल सके. ये नियम बहुत अच्छा है, मैं खुद इसका समर्थन करता हूं. हालांकि इसके अपने फायदे और नुकसान ये हैं कि इसमें जो गाड़ी की सिक्योरिटी करने वाले उपकरण हैं वो जरूरी नहीं कि हमेशा उस गाड़ी के साथ ही रहेंगे. मेरे हिसाब से इसे चोर चाहें तो किसी भी तरह से निकाल सकते हैं. और ना ही हमारा ऑनलाइन वेब सिस्टम इतना मजबूत है कि इस सिस्टम के आने के बाद भी कुछ ज्यादा फर्क पड़ेगा. और रही बात 5500 रुपये के ऑनलाइन चालान की तो अभी ये बहुत ज्यादा है. क्योंकि लोग प्रेशर में हैं कि कहीं मेरा चालान ना कट जाए. तो ये गैर जरूरी बर्डन है आम जनता पर. 

नंबर प्लेट के साथ स्टिकर भी जरूरी

दिल्ली सरकार ने नंबर प्लेट के साथ ही स्टिकर लगाने की भी अनिवार्यता कर दी है. इससे पता चल सकेगा कि गाड़ी किस प्रकार के ईंधन जैसे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन से चलने वाली है. पेट्रोल और सीएनजी गाड़ियों के लिए हल्के नीले रंग, डीजल से चलने वाली गाड़ियों को नारंगी और अन्य प्रकार से चलने वाले वाहनों को ग्रे रंग का स्टिकर लगाना होगा.

ये भी पढ़ें:- बदल गया नियम, अब कोरोना संक्रमितों के लिए रिजर्व होंगे सिर्फ इतने ICU बेड

दिल्ली में रजिस्टर्ड हैं 1 करोड़ वाहन!

एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में करीब 1 करोड़ वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 70 लाख दो पहिया वाहन हैं तो 30 लाख कारें और कमर्शियल वाहन शामिल हैं. इनमें से अब तक सिर्फ 5 लाख वाहनों में ही यह नंबर प्लेट लग पाई हैं. दिल्ली में HSRP प्लेट लगाने के लिए कुछ प्राइवेट डीलरों को अनुमती दी गई है. फिलहाल दो पहिया वाहन जैसे स्कूटी, बाइक और बुलेट जैसी गाड़ियों के लिए 365 रुपये और 4 व्हीलर वाहनों के लिए 600 से 1200 रुपये देकर HSRP प्लेट बनवाई जा सकती है. 

ऑनलाइन बुक कर सकेंगे नंबर प्लेट

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने उन लोगों के लिए भी अच्छी सुविधा कर दी है जो इन नंबर प्लेट की ऑफलाइन बुकिंग नहीं करा सकते हैं. यानी अब आप इन नंबर प्लेट की ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकते हैं. आपको बस www.bookmyHSRP.com की वेबसाइट पर जाना होगा. फिलहाल पूरी दिल्ली में HSRP प्लेट लगाने वाले सेंटर्स की संख्या 350 के करीब है. अब दिल्ली में इन सेंटर्स की संख्या को और बढ़ाया जाएगा ताकि ज्यादा संख्या में वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जा सके. इसी को लेकर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने 30 दिसंबर को एक बैठक बुलाई है, जिसमें तय होगा कि अब कितने और सेंटर खोले जाएंगे. 

LIVE TV



Source link