Coronavirus के खिलाफ जंग में एक मंच पर आए कांग्रेस व शिअद, देंगे एक माह का वेतन

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चंडीगढ़। Coronavirus के प्रसार को रोकने के लिए पंजाब में कर्फ्यू लागू हो गया है। कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग मे एक-दूसरे के विरोधी कांग्रेस व शिअद एक मंच पर नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के मंत्रियों, विधायकों ने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है तो शिअद के सांसदों व विधायकों ने भी एक माह का वेतन देने की घोषणा की है। राज्य के आइएएस, आइपीएस व पीपीपएस अफसरों ने भी अपने एक-एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष (Chief Minister Relief Fund) में देने की घोषणा की है।
इस बीच, कोरोना वायरस के कारण हुए लाक डाउन और इसकी वजह से निचले तबके के लिए उत्पन्न ही पेट भरने की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदंर सिंह ने जरूरतमंद लोगों के खाने, रात बसेरा और दवाओं के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 करोड़ रुपये जारी किए हैंं।
संसदीय मामलों संबंधी मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने आज बताया कि मुख्यमंत्री के सुझाव पर पंजाब सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने के लिए सहमति दी है। मंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों की हौसलाअफज़़ाई करने के तौर पर यह एक संकेत मात्र है कि पंजाब के मंत्रियों ने नोवल कोरोनावायरस (कोविड-19) के विरुद्ध अपनी लड़ाई में राज्य के लोगों के साथ एकजुटता ज़ाहिर की।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की डॉक्टरी देखभाल और इलाज प्रदान करने और लोगों को इस कठिन समय में सभी ज़रूरी सेवाएं और सहूलतें प्रदान करने के लिए अपने फर्ज को सहृदयता से निभाने के लिए सक्रिय हैं। वहीं, शिरोमणी अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी के सभी सांसद व विधायक पंजाब सरकार के कोविड-19 नाम की महामारी की रोकथाम तथा इसके मरीजों के इलाज के लिए किए जा रहे प्रयासों में योगदान डालने के लिए अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए देंगे। इस घोषणा से पहले मुखबीर बादल ने अपने पार्टी के सांसदों व विधायकों से विचार-विमर्श किया। अकाली दल अध्यक्ष ने इसके साथ ही सभी पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया कि वह इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपना पूरा योगदान दें। उन्होने कहा कि यह मनुष्य जाति के लिए चुनौती भरा समय है।
बाजवा ने भी की लोगों से अपील
कैबिनेट मिनिस्टर तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार ने सभी लोगों से कि 31 मार्च तक घरों में रहने का आह्वान किया है। इस लॉकडाउन से रोजाना कमाकर खाने वालों को काफी दिक्कत आ सकती है। यहां तक कि उन्हें भोजन की भी दिक्कत आ सकती है। उन्होंने सभी औद्योगिक घरानों, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े हों।
बाजवा ने लोगों से भी अपील की है कि वह सरकार द्वारा उन्हें बचाने के लिए उठाए गए कदमों में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पैनिक में आने की जरूरत नहीं है लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस के फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लागू करना भी अति आवश्यक है।