क्लीनिकल बिल का आइएमए ने किया विरोध, करेंगे हड़ताल

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बरनाला : पंजाब सरकार द्वारा मरीजों को सुविधाएं देने के लिए व उनका सस्ता व बेहतर इलाज करने के लिए क्लीनिकल बिल पारित किया जा रहा है। पंजाब सरकार द्वारा जैसे ही इस बिल को पास करने के लिए मांगे गए एतराज व सुझाव के लिए नोटिस दिया गया, तो तुरंत ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरकत में आ गई। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस बिल का विरोध करते हुए सरकार को चेतावनी दे डाली कि इस बिल को लागू नहीं होंने देगे। अगर किया गया, तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे।

आइएमए के प्रधान डॉ. आरसी गर्ग, सेक्रेट्री डॉ. गगनदीप सिंह और कैशियर डॉ. चरनजीत गर्ग ने बताया कि पंजाब सरकार ने पहले कहा था कि इस बिल को बनाते समय आइएमए व पंजाब मेडिकल कौंसिल के ्रतिनिधियों के सुझाव लिए जाएगे। अब नेशनल हेल्थ मिशन ने इस कानून को बना कर सभी अस्पतालों पर ताला लगाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस कानून को लागू किया, तो वह सड़कों पर आकर इसका विरोध करेगे, जिसकी जिम्मेवारी केवल पंजाब सरकार की होगी। इस अवसर पर आइएमए के डॉ. सुरेश सिघल, डॉ. केके गोयल, डॉ. त्रिलोकी नाथ, डॉ. शीतल, डॉ. बीके शोबत, डॉ. केजी सिगला, डॉ. विजय कुमार आदि उपस्थित थे।

भांबरी सर्जीकल एंड लेपरोस्कोपी सेंटर के डायरेक्टर एमएस सर्जन डॉक्टर राजीव भांबरी ने बताया कि अगर यह बिल लागू किया है, तो डॉक्टरों द्वारा अपने अस्पताल पर खर्च किए जाने वाले करोड़ों रुपयों की लागत का बोझ मरीज की जेब पर ही पड़ेगा।

पंजाब आई हॉस्पिटल बरनाला के डायरेक्टर एमएस आई सर्जन डॉ. गुरपाल सिंह ने बताया कि अब शहर बरनाला में करीब 45 अस्पताल हैं। अगर इस बिल को सरकार लागू करती है। तो सरकार की शर्तो को कोई भी अस्पताल पूरी नहीं करता, ऐसे में जिले के मरीजों का सस्ता इलाज कौन करेगा। सिडाना हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. केसी सिडाना ने बताया कि अगर इस बिल को लागू किया गया, तो पहले मरीज का भारी भरकम टेस्ट किए जाएंगे व उसके बाद ही उसका इलाज हो पाएगा। ऐसे में मरीज ठीक तो हो जाएगा, परंतु वह आर्थिक तौर पर कमजोर हो जाएगा। जिसका इलाज डॉक्टर के पास भी नहीं होगा। डॉ. प्रदीप शर्मा हॉस्पिटल के चेयरमैन आर्थो सर्जन डॉ. प्रदीप शर्मा व डायरेक्टर आर्थो सर्जन डॉ. करन शर्मा ने बताया कि आज डॉक्टर व मरीज के बीच आपसी प्यार, सदभावना व विश्वास बना हुआ है, परंतु इस बिल के लागू होने से डॉक्टर व मरीज के बीच दूरियां बढ़ जाएंगी। सरकार को चाहिए कि इस बिल में आइएमए के सुझाव लेकर बिल में संशोधन करें, ताकि आम गरीब लोगों के इलाज सस्ते व तुरंत होते रहें।