सिंघु बॉर्डर की घटनाओं के पीछे खुफिया एजेंसियों का हाथ होने की शंका : Sunil Jakhar

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चंडीगढ़ : पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री सुनील जाखड़ ने सिंधु बॉर्डर पर एक व्यक्ति की हत्या के मामले में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का हाथ होने की शंका प्रकट करते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों के आंदोलन को एक धर्म विशेष का आंदोलन सिद्ध करने व सिखों व निहंग जत्थेबंदियों में दरार डालने की साजिश कर रही है I आज यहां से जारी बयान में श्री जाखड़ ने कहा कि पिछले दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री से हुई बैठक की सार्वजनिक हुई तस्वीरों में एक पूर्व पुलिस कैट पिंकी की उपस्थिति व पिछले दिनों एक के बाद एक सिलसिलेवार घटित घटनाएं सिद्ध करती हैं कि केंद्र सरकार पंजाब के अमन भाईचारे को भंग करने की साजिश में शामिल है I उन्होंने मोदी सरकार को कहा कि वह बारूद के ढेर से खेलना बंद करेंI 

जाखड़ ने कहा कि केंद्र की एजेंसियां शुरू से ही कोशिश कर रही हैं कि किसानों के धर्मनिरपेक्ष संघर्ष को सिखों का संघर्ष घोषित किया जाए व इसलिए आंदोलन कर रहे किसानों को खालिस्तानी कहा गया । उन्होंने कहा कि सिक्ख व पंजाबी देश की खंडग भूजा है व इन्होंने अपनी देशभक्ति सिरों की कुर्बानी देकर सिद्ध की हुई है । उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री की बैठक में पुलिस कैट का होना केंद्र सरकार की मंशा पर प्रश्न खड़े करता हैI उन्होंने कहा कि निहंग जिथेबंधिया गुरु की लाडली फौज हैं पर सिंघु बॉर्डर की घटना  किस से प्रेरित करके करवाइ अथवा किन हालातों में घटित हुई इसकी जांच होनी चाहिए और इस हत्या की जितनी भी निंदा की जाए वह कम होगी पर इस सारी घटना के पीछे एजेंसियां सिखों, निहंगो, किसानों व एस सी समुदाय के अंदर दरार डालने की फिराक में है जिस से अवगत रहने की आवश्यकता हैI जाखड़ ने कहा कि निहंग जिथे बंधिया का दिल्ली की सीमा पर होना आंदोलन के लिए नुकसानदायक बिल्कुल नहीं है क्योंकि उनके वहां होने से ही भाजपा के दबंग आंदोलनकारियों को वहां से उठाने में नाकाम रहे हैंI 

उन्होंने कहा कि पहले एसडीएम का पुलिस को किसानों के सर फोड़ने का कहना’ फिर हरियाणा के मुख्यमंत्री का लोगों को लाठियां उठाने का कहना, लखीमपुर खीरी में किसानों को भाजपा नेता द्वारा गाड़ी के नीचे देकर मारा जाना. सिंघु बॉर्डर की घटना, पंजाब में बीएस एफ को 50 किलोमीटर तक का अधिकार देना एक के बाद एक बड़ी साजिश की कड़ी लग रही हैंI जाखड़ ने भाजपा नेताओं को सचेत किया कि वह आग से खेलना बंद करें व किसानों की मांग मानते हुए काले कानूनों को रद्द करेंi उन्होंने पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियों से भी आग्रह किया कि वे प्रदेश की भाई चारक सांझ को बरकरार रखने के लिए एकजुट होकर काम करें।



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