सावधान! खाना बनाने से पहले यूं रखें रसोई घर की साफ़- सफाई का खास ख्याल, वर्ना…

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यदि रसोईघर ही साफ-सुथरा व व्यवस्थित नहीं होगा तो वहां तैयार होने वाला भोजन कैसे साफ- सुथरा रह सकता है। रसोईघर की सफाई के लिए महत्वपूर्ण बातों में सर्वप्रमुख सफाई के लिए आवश्यक सामान, जैसे कूड़ादान, झाड़ू, विम पाऊडर, साबुन, नायलॉन का ब्रश, नारियल का कूचा व साफ कपड़े का रसोईघर में उपलब्ध होना आवश्यक है।

प्राय: यह देखा जाता है कि गृहिणी खाना पकाने की अपनी जिम्मेदारी तो पूरी कर लेती है लेकिन रसोईघर का सामान अव्यवस्थित ही पड़ा रहता है। अत: रसोईघर में सफाई एवं सामान व्यवस्थित करने की आदत होना अति आवश्यक है।

रसोईघर के आवश्यक सामान को जब बाजार से खरीदकर लाएं तो उससे संबंधित पात्र को भली-भांति साफ करने के बाद ही उसमें सामान रखें। रसोईघर में अगर जगह कम हो तो बर्तन रखने के लिए दीवार में स्टैंड लगवा लें।

इससे बर्तन रखने में काफी सुविधा होगी। थाली स्टैंड में थाली, प्लेट स्टैंड में प्लेट तथा चम्मच स्टैंड में चम्मच रख दीजिए। इस प्रकार सभी बर्तन व्यवस्थित रहेंगे। इससे जगह भी अधिक बचेगी और रसोईघर भी देखने में सुन्दर लगेगा। अन्य वस्तुओं को भी क्रम से डिब्बे या शीशे के पात्र में सजाकर रखें।

रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं सुनिश्चित स्थान पर ही रखनी चाहिएं जैसे चाकू, संडासी, चिमटा, माचिस, लाइटर, मोमबत्ती आदि।

रसोईघर में एक छोटा स्टूल भी रखना चाहिए ताकि कुछ ऊंचाई पर कोई सामान हो तो उतारने में असुविधा न हो।

रसोईघर में एक कोने में बंद कूड़ादान होना भी नितांत आवश्यक है। खाना बनाने की प्रक्रिया में जो भी कचरा, छिलके आदि हों, उन्हें कूड़ेदान में डालते जाएं। खाना बनाने के उपरांत कूड़ेदान के कचरे को यथाशीघ्र बाहर उचित स्थान पर फैंक दें अन्यथा उसमें कीटाणु पैदा हो जाएंगे।

रसोई में एक नल भी लगा होना चाहिए ताकि बार-बार पानी लाने के लिए रसोई से बाहर न जाना पड़े।

रसोई में ढीले-ढाले व फैलावदार वस्त्र पहनकर खाना नहीं बनाना चाहिए और न ही शाल अथवा चादर ओढ़कर खाना बनाएं।

कभी-कभी चूल्हे या स्टोव से जल्दी में कड़ाही उतारते समय गृहिणी अपने आंचल का उपयोग भी कर लेती हैं, खासकर जब दूध उबल रहा हो। अत: ऐसे मौके पर कुछ आवश्यक चीजें अपने पास रखना न भूलें। गिरती या जलती वस्तु को बचाने के लिए अपने पल्लू का इस्तेमाल कदापि न करें।

काम हो जाने के पश्चात गैस सिलैंडर के नॉब को बंद करना न भूलें। यदि गैस की दुर्गन्ध आए तो तुरन्त खिड़की खोल दें और कोई भी बिजली का स्विच ऑन न करें। आजकल गैस के चूल्हों की जो दुर्घटनाएं होती हैं, वे अधिकांशत: असावधानी का ही परिणाम होती हैं।

छोटे बच्चों को जहां तक हो सके, रसोई में न आने दें।

ऊंची ऐड़ी की सैंडिल पहनकर कभी खाना न बनाएं।

गैस सिलैंडर के निकट कभी भी पैट्रोल, मिट्टी का तेल व अन्य ज्वलनशील पदार्थ न रखें।

बिजली के उपकरण जैसे टोस्टर, हीटर, मिक्सी, केतली आदि प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि आपके हाथ गीले न हों। हमेशा रबड़ की चप्पल पहनकर ही काम करें।