विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर कर्ज वसूलेंगे बैंक, PMLA कोर्ट ने दी इजाजत

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मुंबई, एएनआइ। भगोड़े विजय माल्या की जब्त संपत्ति को बेचकर बैंक कर्ज वसूलेंगे। प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के स्पेशल कोर्ट ने इसकी इजाजत दी है। कोर्ट ने इस निर्णय पर 18 जनवरी तक स्टे लगाया है। ताकि इस आदेश से प्रभावित सभी पक्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील कर सकें। ईडी के सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
पिछले महीने, स्टेट बैंक के नेतृत्व में भारतीय बैंकों ने लंदन की एक अदालत से विजय माल्या की संपत्ति जब्त कराने और उसे दिवालिया घोषित करने की मांग की थी। वह इन बैंकों के नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लेकर ब्रिटेन भाग गया है। लंदन कोर्ट ने माल्या को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जानकारी के मुताबिक लंदन कोर्ट जनवरी 2020 में इसे लेकर फैसला सुना सकता है।
2018 में दायर की गई थी याचिका
बैंको द्वारा लंदन कोर्ट में यह याचिका 2018 में दायर की गई थी। माल्या ने बैंकों से यह कर्ज किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिया था, जो अब बंद हो गई है। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर भाग गया था और तभी से ब्रिटेन में रह रहा है।
ईडी जब्त संपत्ति को बैंकों के समूह के हवाले करने में कोई आपत्ति नहीं
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल फरवरी में पीएमएलए कोर्ट को बताया था कि उसे जब्त संपत्ति को बैंकों के समूह के हवाले करने में कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, ईडी ने अदालत से बैंकों से गारंटी लेने के लिए कहा था।

जनवरी 2019 में भगोड़े आर्थिक अपराधी घोषित हुआ था माल्या
जनवरी 2019 में, भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 के तहत पीएमएलए अदालत ने माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। यह अधिनियम उन आर्थिक अपराधियों की संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देता है, जो भारतीय अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर रहकर अभियोजन से बचते हैं।माल्या को भारत वापस लाने के लिए क सरकार और भारतीय जांच एजेंसियां लगातार कोशिश कर रही हैं