राहुल गांधी ने रक्षा मामलों की संसदीय समिति से किया वॉक आउट, कहा-बोलने से रोकने गया

0
66

नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य सदस्यों ने रक्षा मामले की संसदीय समिति (Parliamentary Committee on Defense Affairs) की बैठक से बुधवार को यह आरोप लगाते हुए वॉक आउट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दे के बजाय सशस्त्र बलों (Arms Force) की वर्दी के रंग पर चर्चा करने में समय बर्बाद किया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी समिति के समक्ष लद्दाख में चीन की आक्रामकता और सैनिकों को बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे, लेकिन समिति के अध्यक्ष जुएल उरांव (BJP) ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी.

वर्दी के रंग की बजाए सशस्त्र बलों को मजबूत करने पर होनी चाहिए थी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, जनरल बिपिन रावत की मौजूदगी में समिति की बैठक में सेना, नौसेना और वायुसेना के कर्मियों के लिए वर्दी के रंग के मुद्दे पर चर्चा की जा रही थी और राहुल गांधी ने कहा कि इस पर चर्चा करने के बजाय नेताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों और लद्दाख में तैनात सशस्त्र बलों को मजबूत करने के बारे में चर्चा करनी चाहिए. इस बैठक में जब सेना के तीनों अंगों के कर्मियों के लिए वर्दी के रंग को लेकर समिति के समक्ष प्रस्तुति दी जा रही थी तो उसी समय भाजपा के एक सदस्य ने अमेरिका की तरह भारत में भी सेना, नौसेना और वायुसेना के लोगों के लिए वर्दी में एकरूपता की पैरवी की.

ये भी पढ़ें-भारत-चीन सीमा विवाद: सिर्फ ‘विश्वसनीय’ स्रोतों से खरीदे जाएंगे टेलीकॉम उपकरण, कैबिनेट ने दी मंजूरी

एयरपोर्स और नेवी बताएं, क्या हो उनकी वर्दी का रंग
बहरहाल, गांधी ने कहा कि नेताओं को नहीं, बल्कि सेना, नौसेना और वायुसेना को फैसला करना चाहिए कि उनकी वर्दी का रंग का क्या होना चाहिए. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह नेताओं का काम नहीं है कि वे सेना, नौसेना या वायुसेना को बताएं कि उन्हें कौन सी वर्दी पहननी है और यह नेताओं का अधिकार क्षेत्र नहीं है तथा उन्हें सेना का अपमान नहीं करना चाहिए.’’ राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘‘राजनीतिक नेतृत्व को सीमा पर डटे और चीन का मुकाबला कर रहे जवानों के लिए टेंट, बूट और दूसरे उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर देना चाहिए. नेतृत्व को इस पर ध्यान देना चाहिए कि दुश्मन को कैसे पीछे खदेड़ना है और हमारे सशस्त्र बलों को कैसे और मजबूत करना है.’’

ये भी पढ़ें-पाक की नापाक हरकत जारी, सर्दियों में बढ़ी घुसपैठ की कोशिश

बैठक में तीखी बहस
सूत्रों का कहना है कि बैठक में तीखी बहस भी देखने को मिली. समिति के अध्यक्ष ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को बोलने से रोका, जिसके बाद राहुल गांधी ने बैठक से बहिर्गमन का फैसला किया. इसके बाद समिति की बैठक में शामिल कांग्रेस सांसद राजीव सातव और रेवंत रेड्डी भी उनके साथ बाहर चले गए. गौरतलब है कि राहुल गांधी लद्दाख में चीन की आक्रमकता को लेकर पिछले कई महीनों से सरकार पर निशाना साधते आ रहे हैं. पिछले दिनों भाजपा ने उन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि वह रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक में शामिल नहीं होते.



Source link