भगवंत मान ने ग्राम सभाओं द्वारा पास किए प्रस्तावों को बताया ‘ब्रह्मस्त्र’ कैप्टन-बादल-मोदी ने पैदा किए ऐसे हलात जवान शहीद होते बार्डरों पर और किसान आत्महत्या करते मोटरों पर – भगवंत मान

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बरनाला, 2 अक्तूबर 2020 
आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने ग्राम सभाओं द्वारा पास किए प्रस्तावों को ‘ब्रह्मस्त्र’ करार देते कहा कि ग्राम सभाएं ही हैं, जो कृषि विरोधी कानूनों को वापस करवा कर किसानों समेत देश के हर वर्ग को बचाया जा सकता है। यदि किसान बर्बाद हो गए तो समझो देश का हर वर्ग बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएंगे। बरनाला के गांव चन्नणवाल में बुलाई गई ग्राम सभा की बैठक में पहुंचे किसान हितैषी लोगों की हाजिरी में सर्वसम्मति से जालिम सरकारों द्वारा पास किए खेती विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। इस मौके ग्राम सभा की बैठक में विधायक मीत हेयर, विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी और स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।
भगवंत मान ने कहा कि इस ग्राम सभा में गांव का हर वोटर जिस की उम्र 18 साल से ऊपर होती है, अपने आप ही इस का मैंबर नामजद हो जाता है। इस के बाद किसी भी मुद्दे पर वोटिंग करवाई जाती है और नतीजा निकाला जाता है और इस सारी प्रक्रिया को पंचायत के कार्यवाही रजिस्टर में लिखा जाता है जो एक कानूनी दस्तावेज बन जाता है और माननीय सुप्रीम कोर्ट तक यह दस्तावेज स्वीकृत होता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों की राए होती है।
भगवंत मान ने कहा कि यदि किसी गांव की पंचायत का फैसला गांव वासियों को सही नहीं लगता या पंचायत ने गलत प्रस्ताव पास कर दिया है तो गांव वासी ग्राम सभा बुला कर प्रस्ताव पर विचार-चर्चा कर सकते हैं और यदि प्रस्ताव के खिलाफ ज़्यादा संख्या में गांव वासी खिलाफ हैं तो पंचायत का फैसला बदला जा सकता है। मान ने कहा कि ग्राम सभाएं पंचायतों से बड़ी है।
भगवंत मान ने कहा कि ग्राम सभा एक बहुत बड़ा सबूत होता है। जिस को कोई भी अनदेखा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हम समूचे पंजाब के 12 हजार से ज़्यादा गांवों की पंचायतों को मीडिया के द्वारा अपील करते हैं कि वह भी अपनी अपने गांवों में ग्राम सभाओं के इजलास तुरंत बुलाएं और तीनों खेती विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ प्रस्ताव डालें जिससे देश के अंनदाता किसानों को बचाया जा सके।
भगवंत मान ने कहा कि कैप्टन-बादल-मोदी ने जो यह किसान विरोधी काले कानून पास किए हैं यह किसान विरोधी नहीं बल्कि लोक विरोधी हैं, क्योंकि इन कानूनों के साथ एक कड़ी के अंतर्गत किसान के बर्बाद होते ही आढ़तिया, मुनीम, पल्लेदार, ट्रांसपोर्टर, छोटे दुकानदार, कारोबारी के साथ-साथ एक समय ऐसा आऐगा कि सभी वर्ग बेरोजगार हो जाएंगे।
भगवंत मान ने कहा कि जालिम सरकारों ने ऐसे हलात पैदा कर दिए हैं कि जवान बार्डर पर शहीद हो रहे हैं और किसान अपने खेतों की मोटरों पर फांसी लगा कर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। कैप्टन-बादल-मोदी ने जो मिलीभुगत करके खेती विरोधी काले कानून पास किए हैं इस के नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहें।