ब्रिटेन के नए स्ट्रेन से हर ओर हड़कंप, बायोएनटेक ने कहा- हमारी वैक्सीन करेगी असर

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वॉशिंगटन/भूटान. ब्रिटेन में कोरोना वायरस (Coronavirus In Britain) के नए स्ट्रेन ने सभी को डरा दिया है. एक ओर जहां अब इस नए स्ट्रेन को लेकर इलाज के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं कुछ देशों में लॉकडाउन लगा दिया गया है. अब सवाल यह उठ रहा है कि इस नए स्ट्रेन पर बीते कुछ दिनों के भीतर अप्रूव की गई वैक्सीन्स असरदार होंगी या नहीं. वायरस का यह नया स्वरूप 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं कि यह ज्यादा जानलेवा है या टीके को लेकर यह अलग तरह की प्रतिक्रिया देगा.

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा, ‘सभी को, खास तौर पर श्रेणी-4 के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संयम बरतने की जरूरत है क्योंकि वे संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं- यही एक मात्र तरीका है, जिससे हम इसे नियंत्रण में लाने जा रहे हैं.’

बायोएनटेक को भरोसा, नए स्ट्रेन के खिलाफ कारगर रहेगा उसका टीका
वहीं यह नया स्ट्रेन सामने आने के बाद जर्मनी की दवा कंपनी बायोएनटेक ने भरोसा जताया है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए उसका टीका नए स्वरूप के खिलाफ भी असरदार है, लेकिन पूरी तरह सुनिश्चित होने के लिए आगे और अध्ययन की जरूरत है. हालिया हफ्ते में ब्रिटेन के लंदन और दक्षिणी इंग्लैंड में कोरोना वायरस के नए स्वरूप का पता लगने के बाद दुनिया में चिंताएं बढ़ गयी हैं. अब तक ऐसे संकेत नहीं मिले हैं कि यह नया स्वरूप ज्यादा घातक है लेकिन यूरोप और बाहर के कई देशों ने ब्रिटेन से यात्रा पर रोक लगा दी है .इस बीच, यूरोपीय संघ ने फाइजर-बायोएनटेक के टीके को मंजूरी दे दी है. बायोएनटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) उगुर साहीन ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा ‘इस समय हमें यह नहीं पता कि हमारा टीका नए स्वरूप के खिलाफ सुरक्षा मुहैया कराने में सक्षम है या नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर इसकी पूरी संभावना है कि यह टीका वायरस के नए स्वरूप के खिलाफ भी प्रतिरक्षा तैयार करने का काम करेगा.’

साहीन ने कहा कि ब्रिटेन में वायरस के नए स्वरूप पर प्रोटीन अंश 99 प्रतिशत तक मौजूदा ‘स्ट्रेन’ के समान ही हैं इसलिए वैज्ञानिक आधार पर बायोएनटेक आश्वस्त है कि टीका प्रभावी रहेगा. साहीन ने कहा, ‘वैज्ञानिक फिलहाल इस पर परीक्षण कर रहे हैं और अगले दो हफ्ते में आंकड़े मिल जाएंगे. उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि हमारा टीका काम करेगा.’

साहीन ने कहा कि वायरस के नए स्वरूप से लड़ने के हिसाब से टीका को तैयार कर लिया जाएगा और इसमें छह हफ्ते लग सकते हैं. हालांकि, इसके इस्तेमाल के पहले नियामक की मंजूरी की जरूरत पड़ेगी. बायोएनटेक ने अमेरिका की अग्रणी दवा कंपनी फाइजर के साथ मिलकर कोरोना वायरस से रोकथाम का टीका तैयार किया है.

दक्षिण अफ्रीका ने शुरू किए एहतियाती उपाय

दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने घोषणा की है कि देश में कोविड-19 के नए प्रकार के वायरस के उभरने से संक्रमितों के मामले बढ़ने के साथ ही अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और मृतकों की संख्या बढ़ रही है.

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य अधिकारियों और वायरस रणनीति का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार 501.वी 2 के रूप में पहचाने गए इस नये (वायरस) प्रकार के मामले दक्षिण अफ्रीका में सामने आ रहे संक्रमण के नये मामलों में प्रमुख हैं.  कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका से संपर्क तोड़ लिए हैं. दक्षिण अफ्रीका ने भी अपने देश में कई एहतियाती उपायों को इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

नेपाल और भूटान ने भी उठाए एहतियाती कदम
इसके साथ ही दक्षिण इंग्लैंड में कोरोना वायरस का स्ट्रेन सामने आने के बाद रविवार को यूरोपीय संघ के कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है ताकि इसका प्रकोप उनके देशों में नहीं पहुंचे जबकि कई अन्य देश ऐसे ही प्रतिबंधों को लेकर विचार कर रहे हैं. नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और इटली ने ब्रिटेन की यात्रा पर रोक लगाने संबंधी घोषणा कर दी है.

नेपाल और भूटान ने भी नए स्ट्रेन को लेकरक एहतियाती कदम उठाए हैं. नेपाल ने ब्रिटेन आने जाने वाली फ्लाइट्स पर रोक लगा दी वहीं भूटान ने सात दिनों का राष्ट्रीय लॉकडाउन लगा दिया है.

उड़ान सेवा निलंबित होने के कारण फंसे भारतीय छात्र और परिवार
क्रिसमस और नये साल के अवसर पर देश आकर अपने परिवार के साथ समय गुजारने का भारतीय छात्रों और पेशेवरों का सपना सोमवार से ब्रिटेन से उड़ानों का परिचालन बंद होने के साथ ही टूट गया. दुनिया भर में पैर पसार रहे कोरोना वायरस से नये स्वरूप के ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में मिलने के बाद सभी उड़ानें बंद कर दी गई हैं.

संभव है कि विश्वविद्यालयों द्वारा दिसंबर की शुरुआत में जांच के बाद परिसर से जाने की अनुमति मिलने के बाद कुछ छात्र भारत लौट गए हों, लेकिन कुछ ने क्रिसमस-नए साल के दौरान अपनी टिकट बुक की होगी. हालांकि, पर्यटक वीजा अभी काफी हद तक निलंबित ही हैं, लेकिन परिवार से मिलने या पारिवारिक कारणों से ब्रिटेन गए लोग भी उड़ानें बंद होने के कारण वहां फंस गए हैं.

ब्रिटेन में भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला समूह, नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स् एंड एलुमनी यूनियन, ब्रिटेन की प्रमुख सनम अरोड़ा ने कहा, ‘‘ब्रिटेन आने-जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए चिंता की बात है.’’ बता दें दुनिया में अब तक 78,360,768 कोरोना के मामले पुष्ट पाए गए हैं. जिसमें से 1,723,771 की मौत हो गई है. वहीं 55,121,982 लोग ठीक हो चुके हैं.

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