बेलारूस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई गोलियां, राष्ट्रपति लुकाशेंको का विरोध जारी

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बेलारूस में पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने लगी है. फोटो: AP

बेलारूस में पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने लगी है. फोटो: AP

बेलारूस (Belarus) के हजारों प्रदर्शनकारियों ने 26 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति ऐलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenko) का विरोध (Protest) लगातार जारी रखा है. प्रदर्शनकारियों की भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने चेतावनी देने के लिए फायरिंग की और ग्रेनेड्स इस्तेमाल किये.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 2, 2020, 1:49 PM IST

मिंस्क. बेलारूस (Belarus) के हजारों प्रदर्शनकारियों ने 26 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति ऐलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenko) का विरोध (Protest) लगातार जारी रखा है. एक नवंबर को भी प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतर कर लुकाशेंको से इस्तीफे की मांग की. 9 अगस्त को चुनाव परिणाम आने के बाद यह 13वां रविवार था जब प्रदर्शनकारी राजधानी मिंस्क की सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारियों की भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने चेतावनी देने के लिए फायरिंग की और ग्रेनेड्स इस्तेमाल किये. विसाना ह्यूमन राइट सेंटर के अनुमान के अनुसार इस रैली में लगभग 20,000 लोगों ने भाग लिया था.

स्टालियन युग में कुरैपाटी में दो लाख लोग मारे गए थे

बड़ी तादाद में प्रदर्शनकारी मिंस्क के पूर्वी हिस्से में एकत्र होकर शहर के बाहरी इलाके कुरैपाटी की ओर बढे. यह वह जगह है, जहां स्टालिन युग के दौरान सोवियत की गुप्त पुलिस ने 2,00,000 से अधिक लोगों को मार डाला था. प्रदर्शनकारियों ने हाथ में बैनर भी ले रखे थे जिन पर लिखा था- ‘लोगों की यादाशत किसी भी तानाशाह के जीवन से अधिक लंबी होती है’ और ‘अपने लोगों पर अत्याचार करना बंद करो’. बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने 9 अगस्त को राष्ट्रपति का छठा कार्यकाल जीता जिससे बेलारूस की जनता एक व्यापक धांधली के रूप में देख रही है.

विपक्षी स्वेतलाना ने देश में विरोध का माहौल तैयार कियालुकासेंको की प्रतिद्वंदी स्वेतलाना पर जीत ने देश में बड़े विरोध प्रदर्शनों की सबसे बड़ी लहर पैदा कर दी है. पुलिस द्वारा लोगों की भीड़ पर वाटर कैनन, स्टन ग्रेनेड, रबर बुलेट का प्रयोग करने के बावजूद लोग मिन्स्क और अन्य शहरों की सड़कों पर लगभग हर दिन इकठ्ठा हो जाते हैं.

प्रदर्शन में 150 से ज्यादा प्रोटेस्टर को हिरासत में लिया

विसाना ह्यूमन राइट सेंटर के अनुसार पुलिस ने मिन्स्क और बेलारूस के अन्य शहरों में रविवार को पुलिस ने प्रदर्शनों के दौरान 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में कई पत्रकार भी शामिल हैं. हिरासत में लिए गए कई लोगों को पीटा भी गया. विएना के नेता एलेस बायियात्स्की ने इस पुलिसिया अत्याचार पर कहा कि अधिकारियों ने उबलते बेलारूसी पॉट पर ढक्कन को और अधिक कसकर बंद करने की कोशिश की है लेकिन इतिहास अच्छी तरह से जानता है कि इससे क्या होता है.

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गुरुवार को सरकार ने लातविया, लिथुआनिया, पोलैंड और यूक्रेन के साथ लगी बेलारूस की सीमाओं को सील कर दिया, सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कोरोनावायरस के प्रसार को रोकना था. हालांकि अधिकारियों ने पहले पड़ोसी देशों पर बेलारूस को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था.

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