पत्रकार की हत्या करने वाले सातों दोषी सात साल रहेंगे जेल में

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बरनाला : पंजाबी पाक्षिक अखबार राजपूत पंद्रवाड़ा के संपादक राम सिंह कोमल की हत्या में दोषी बलवंत सिंह काका, अवतार सिंह, राजविदर सिंह राजू, गुरदित्त सिंह मंगा, अमनदीप सिंह अमना, राहुल बरनाला, हरप्रीत सिंह धक्कड़ को सेशन जज वरिदर अग्रवाल की अदालत ने सात-सात वर्ष की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माना देने का फैसला सुनाया है। अगर जुर्माना नहीं अदा किया गया, तो सजा में एक माह की बढ़ोतरी हो जाएगी। वहीं इस केस में शामिल कुलवंत सिंह राजी, हरजिदर सिंह मिटा व हमीर सिंह को आठ जनवरी को बरी कर दिया गया। पत्रकार राम सिंह कोमल की हत्या में दोषी सातों व्यक्तियों को फैसला सुनाने के बाद जिला जेल में भेज दिया गया है।
कोर्ट में जैसे ही दोषियों को सजा सुनाई गई तो परिवारिक सदस्यों ने इस फैसले का विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए पुलिस पर धक्केशाही का आरोप लगाया।

-ये था पूरा मामला-
एक अक्टूबर 2016 को पंजाबी पाक्षिक अखबार राजपूत पंद्रवाड़ा के संपादक पत्रकार राम सिंह कोमल अपने घर से पत्ती रोड पर अपने किसी दोस्त का पता लेने के लिए गए थे। जब वह अपने घर वापिस लौट रहे थे तो रास्ते में उन पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर उनको घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल पत्रकार राम सिंह कोमल को सिविल अस्पताल से उपचार के लिए भर्ती करवाया गया था, जहां से उनको डीएमसी लुधियाना रेफर कर दिया था, डीएमसी से उनको मोहाली ले जाया गया जहां पर उनकी अगले दिन मौत हो गई। कोमल के समधी गुरमुख सिंह चौहान के बयान के आधार पर थाना सिटी-1 की पुलिस ने 14 व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में दस व्यक्तियों को ही आरोपित ठहराई। सभी आरोपित करीब सवा-सवा वर्ष जेल काट चुके हैं। सेशन जज वरिदर अग्रवाल की अदालत से जैसे ही दोषी बाहर निकले तो बाहर खड़े दोषियों के परिवारिक सदस्यों को पता चला कि उनके बच्चों को सात-सात वर्ष की सजा हो गई है, तो तुरंत ही परिवारिक सदस्य अपने बच्चों से लिपट कर रोने लगे। इस दौरान पुलिस मुलाजिम काफी मुश्किल से उन्हें लेकर जा पाए।
दोषी अमना की मां बोलीं : पुलिस ने गलत तरीके से फंसाया
अमनदीप राठौर, बरनाला : मेरे पुत्र नूं झूठा फंसा के उसदी जवानी खराब कर देती, थाड्डा कख न रहे पुलिस वालिओ, मेरे पुत्र नूं झूठा फंसा के उसदी जवानी खराब कर देती। उक्त शब्द अमनदीप सिंह अमना की माता अमरजीत कौर ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा तो राम सिंह कोमल को जानता तक नहीं था, फिर भी उसे इस केस में जानबूझकर फंसाया गया है। अमना की बहन सिमरजीत कौर ने कहा कि मेरा भाई बेगुनाह है। उसे झूठा फंसाया गया है, ऐसा सितम करने वालों को रब्ब बख्शेगा नहीं।
केस में आरोपित पाए गए हरप्रीत सिंह धक्कड़ के पिता भूरा सिंह ने रोते हुए कहा कि उसका बेटा इस केस में शामिल ही नहीं था। इस केस में उसको झूठा फंसाया गया है। वह इस अदालत के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं व हाईकोर्ट में जाकर इंसाफ की गुहार लगाएंगे।