नोएडा की कानून-व्यवस्था दंपती के हाथों में, DCP पत्नी को रिपोर्ट करेंगे ADCP पति

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पुरुष चाहे कितनी भी ऊंची पोस्ट पर क्यों न पहुंच जाए, वो बड़े से बड़ा अधिकारी क्यों न बन जाए लेकिन जब वो घर आता है तो उसकी बॉस पत्नी ही होती है। लेकिन अगर किसी पुरुष की पत्नी घर के अलावा दफ्तर में भी उसकी बॉस हो जाए तो कहने ही क्या? ऐसा ही कुछ नोएडा की आईपीएस वृंदा शुक्ला और अंकुर शुक्ला के साथ हुआ है, जानिए क्या है पूरा मामला जब पत्नी बन गई ऑफिस में पति की बॉस…

आईपीएस पति-पत्नी के बारे में पता चला है कि ये दोनों बचपन से ही दोस्त हैं। ये साथ खेले, साथ एक ही स्कूल में पढ़े-लिखे और फिर दोनों को मोहब्बत हो गई। लेकिन इससे उनके प्रतियोगी जज्बे पर कोई फर्क नहीं पड़ा। एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़ इन्हें आईपीएस के पद तक ले गई। दोनों आईपीएस बने तो शादी करने का फैसला लिया और पिछले ही साल अपने बचपन की दोस्ती को अंजाम तक पहुंचाते हुए दोनों ने शादी कर ली।
शादी के बाद दोनों की किस्मत उन्हें एक ही शहर में लाई और अब वृंदा और अंकुर साथ में नोएडा में काम करेंगे। दोनों का एक ही शहर में काम करना तब और भी दिलचस्प हो जाता है जब वृंदा घर के साथ ही ऑफिस में भी अंकुर की बॉस होंगी।
कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद दोनों को नोएडा में मिली तैनाती
बीते दिनों लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू हुआ है जिसके बाद ही ये संयोग देखने को मिला है। नोएडा से पहले लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात रहीं वृंदा शुक्ला को गौतमबुद्ध नगर का डीसीपी यानी पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। आईपीएस वृंदा यहां डीसीपी महिला सुरक्षा के पद पर तैनात की गई हैं। वहीं उनके पति अंकुर अग्रवाल को करीब एक माह पहले ही नोएडा का एसपी सिटी बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार नई कमिश्नरी प्रणाली के अनुसार अब अंकुर अग्रवाल अपर पुलिस उपायुक्त के पद पर हैं। जब वृंदा की तैनाती लखनऊ में थी तब अंकुर मथुरा में एएसपी के पद पर तैनात थे। यह दोनों हरियाणा के अंबाला के मूल निवासी हैं।

10वीं तक साथ पढ़े

इन दोनों ने अंबाला के जीसस एंड मेरी स्कूल से 10वीं तक साथ पढ़ाई की है। इसके बाद अंकुर जहां बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए राजस्थान चले गए तो वहीं वृंदा अर्थशास्त्र की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गईं।
अमेरिका में की यूपीएससी की तैयारी
पढ़ाई पूरी करने के बाद वृंदा अमेरिका में तो अंकुर बंगलूरू में नौकरी करने लगे और बाद में वह भी अमेरिका चले गए। अमेरिका में ही दोनों सिविल सर्विसेज की तैयारी करने लगे। वृंदा ने 2014 में अपने दूसरे प्रयास में सिविल सर्विस की परीक्षा पास की। अंकुर इसके दो साल बाद पहले ही प्रयास में 2016 में आईपीएस बने। वृंदा को नगालैंड काडर मिला और अंकुर को बिहार काडर।
नौ फरवरी 2019 को हुई शादी


इनकी शादी को 9 फरवरी को पूरा एक साल हो जाएगा। इन दोनों की एक साथ गौतमबुद्ध नगर में तैनाती के बाद जिले के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब आईपीएस दंपती एक साथ एक जिले में तैनात हुए हों।