तुर्की की विदेश नीति आक्रामक कब और कैसे बन गई?

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  • गोनल टॉल
  • सेंटर फॉर तुर्कीश स्टडीज़, मिडल ईस्ट इंस्टीट्यूट

आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच छिड़ी जंग के फौरन बाद तुर्की ने अज़रबैजान का साथ देने की घोषणा की.

इसके बाद कथित तौर पर तुर्की ने हथियार और सीरिया से लौटे लड़ाके अज़रबैजान को मदद के लिए भेजे.

जहाँ एक तरफ़ तमाम दूसरे देश तत्काल युद्धविराम की अपील कर रहे हैं वहीं इसके उलट तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलियेव से जंग जारी रखने को कहा है.

यह सबसे नया संघर्ष क्षेत्र है जहाँ तुर्की अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज करने में लगा है. इसके अलावा कई और देशों में भी तुर्की की फ़ौज की मौजूदगी है.



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