दीछिंग तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत में स्थित है, जहां बर्फीला पर्वत, घाटी और घास के मैदान आदि पर्यटन संसाधन प्रचुर है। इसके साथ ही इसी क्षेत्र में कुछ धर्म एक-साथ अस्तित्व में हैं, कई जातियों के लोग साथ-साथ रहते हैं। इधर के सालों में दीछिंग ने संस्कृति और पर्यटन के मिश्रित विकास पर जोर दिया, लक्ष्य है कि संस्कृति से पर्ययन का संवर्धन किया जाना और पर्यटन से संस्कृति का प्रसार किया जाना।
  चीनी परंपरागत त्योहार वसंतोत्सव की पूर्व संध्या में कई पर्यटक दीछिंग आए। इस इलाके में शांगरिला सूत्र छापाघर और तूखचोंग प्राचीन नगर जैसे तिब्बती संस्कृति वाली जगहें प्रसिद्ध हैं। तूखचोंग प्राचीन नगर में थांगखा चित्र भवन और तिब्बती कढाई संस्कृति भवन आदि स्थलों में पर्यटक तिब्बती जाति के कलात्मक वस्तु बनाते हुए देख सकते हैं।
   दीछिंग तिब्बती स्वायत्त प्रिफेक्चर के सांस्कृतिक अवशेष प्रबंधन केंद्र के प्रधान फान काओयुआन ने कहा कि पहले पर्यटक मुख्य तौर पर प्राकृतिक दृश्य देखने दीछिंग आए, लेकिन आज पर्यटन का मुख्य लक्ष्य सुन्दर सांस्कृतिक जीवन का उपभोग बन गया है। उच्च गुणवत्ता वाली संस्कृति पर्यटन विकास का मुख्य आकर्षक शक्ति बन चुकी है।
   वर्तमान में दीछिंग प्रिफेक्चर में सांस्कृतिक पर्यटन बाज़ार के विकास को जोर दिया जा रहा है, जहां लोक-साहित्य, ओपेरा, परंपरागत कला, जातीय नृत्य, पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा आदि गैर-भौतिक सांस्कृतिक अवशेषों के आधार पर पर्यटन उत्पाद बनाया जाता है, लक्ष्य है कि व्यापक पर्यटकों की सांस्कृतिक मांग पूरी हो सकेगी।
शांगरिला सूत्र छापाघर के प्रमुख ला रोंग के मुताबिक, इस वर्ष वसंतोत्सव के दौरान सूत्र छापाघर में पर्यटन से संबंधित संस्थापनों को लगातार संपूर्ण किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उनके विचार में पर्यटन तिब्बती संस्कृति की खास सुन्दरता महसूस करने की एक खिड़की जैसी है।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)