छत्तीसगढ़ / रायगढ़ में महापौर का गणित न बिगाड़ दे भाजपा, इसलिए पार्षदों को कांग्रेस ने रायपुर भेजा

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रायगढ़ नगर निगम रायगढ़ नगर निगम

नगरीय निकाय चुनाव : निगम में बहुमत 25 पर, कांग्रेस ने शहर के 24 वार्डों में दर्ज की है जीत
भाजपा के 19 पार्षद चुनकर आए, उसे पांच निर्दलीयों के भी अपने खेमे में आने का भरोसा
रायगढ़. छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय के परिणाम आने के साथ ही अब महापौर की सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। रायगढ़ नगर निगम में 48 वार्ड हैं। इनमें से 24 वार्ड में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है, जो कि बहुमत से महज एक कदम दूर है। वहीं भाजपा को 19 सीटें मिली हैं और वह निगम में 6 सीटों से पीछे है। इन सबके बीच निर्दलीय पार्षदों की संख्या 5 है। अब शहर की सरकार बनाने के लिए खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते भाजपा व कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षदों की किलेबंदी शुरू कर दी है।
कांग्रेस को भाजपा के लोटस अभियान का डर, पार्षद नजरबंद किए गए
कांग्रेस को भाजपा के लोटस अभियान से भय है। इसे देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष और रायगढ़ विधायक ने मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश में सत्ता होने के बाद भी कांग्रेस खरीद-फरोख्त (होर्स ट्रेडिंग) से डरी हुई है। पार्षदों को नजर बंद किया जाने लगा है। कुछ पार्षदों के मोबाइल फोन बंद हैं तो कुछ ने विधायक के घर शरण ली है। महापौर चुने जाने तक कांग्रेस ने अपने नव निर्वाचित पार्षदों में कुछ पार्षदों को रायपुर भेजा है। वहीं भाजपा पदाधिकारी शीर्ष नेतृत्व से मिल रहे दिशा निर्देश पर कार्य कर रहे हैं।
कांग्रेस के नव निर्वाचित 24 पार्षदों को विधायक प्रकाश नायक ने बुधवार को अपने घर बुलाया। जो आए उन्हें घंटों तक वहीं रखा। कुछ पार्षदों से फोन पर हाल-चाल लेने के बाद उन्हें बाहर जाने की तैयारी करने के निर्देश दिए। सत्ता होने के बाद भी कांग्रेस महापौर बनाने से चूकना नहीं चाहती है। इसलिए पार्षदों को वह सम्मेलन तक शहर से दूर रखना चाहती है। सूत्रों की मानें तो गुरुवार से जीते हुए कांग्रेस पार्षदों को रायपुर व ओडिशा पिकनिक ट्रिप के तौर पर भेजा जा सकता है, इनमें उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हो सकते हैं।
निर्दलियों पर टिकी निगाहें, जीतकर आए अधिकतर भाजपा के बागी
निगम चुनाव में जीत कर आए पांच पार्षदों में अशोक यादव, सोमेश कुमार साहू, रिमझिम मुक्तिनाथ, श्याम लाल साहू व राकेश तालुकदार पर दोनों ही पार्टियों ने निगाहें हैं। निर्दलीय पार्षदों में अधिकतर भाजपा के बागी या करीबी हैं। कांग्रेस को इस बात की आशंका है कि भाजपा इन 5 निर्दलीयों को साथ कर 24 के आंकड़े तक पहुंच जाएगी। ऐसे में बहुमत 25 पाने के लिए कांग्रेस पार्षदों को तोड़ेगी। इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। कांग्रेस के एक-दो पार्षदों ने भी क्रॉस वोटिंग कर दी तो सारी मेहनत और सफलता पर पानी फिर जाएगा।