चंडीगढ़ के NRI की पुश्तैनी संपत्ति पर लुधियाना नगर निगम ने चलाया बुलडोजर, परिवार बोला- पंजाब के मंत्री के कहने पर हमें किया जा रहा परेशान

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चंडीगढ़: लोग अपने परिवार का भविष्य बनाने के लिए विदेश जाते हैं, लेकिन लोगों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया जाता है, जिन्हें छुड़वाने के लिए पूरी जिंदगी लग जाती है। ये कहना है इंग्लैंड में रहने वाले एनआरआई दिलप्रीत सिंह गिल का, दरअसल दिलप्रीत सिंह गिल चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और लुधियाना में उनकी पुश्तैनी संपत्ति है। लेकिन बीते दिनों नगर निगम लुधियाना ने उनके घर पर बुलडोजर चला दिया। जिसके बाद उन्होंने लुधियाना नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोहाली के एनआरआई सेल में अनाचार, चोरी और अन्य आरोप में शिकायत दी है। मोहाली एनआरआई सेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे दोषी अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करेंगे। दिलप्रीत सिंह गिल का इस पर कहना है कि इस काम में न केवल संपत्ति के ठेकेदार बल्कि सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

बता दें कि शनिवार को दिलप्रीत सिंह गिल और उनकी पत्नी गुरप्रीत गिल ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पंजाब सरकार, पुलिस और नगर निगम लुधियाना के अधिकारियों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दिलप्रीत ने कहा कि लुधियाना के मंत्री भारत भूषण आशु के इशारे पर उनके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1952 में लुधियाना में मेरे बड़ों को जमीन आवंटित की गई थी। दिलप्रीत गिल ने आगे कहा कि उस जमीन में से मेरे पास ढाई एकड़ जमीन का मालिकाना हक है। 1962 में मेरा पूरा परिवार इंग्लैंड गया था। फिर हम 1992 में वापस आए और अपनी जमीन की चारदीवारी बनाने की कोशिश की और लोगों ने उन्हें रोक दिया। लोगों का कहना था कि यह जमीन कई सालों से खाली पड़ी है।

नगर निगम ने उन्हें यहां निर्माण करने से भी रोक दिया। नगर निगम ने कहा कि यह जमीन अब उनके अधिकार में है और यहां पार्क, सड़क और सामुदायिक केंद्र बनाए जाने हैं। इस दौरान दिलप्रीत और उनके परिवार ने नगर निगम के खिलाफ लुधियाना सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहां कोर्ट ने उनके पक्ष में आदेश दिया और नगर निगम को उनके कब्जे में दखल देने से रोक दिया।



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