किसान आंदोलन पर अक्षय कुमार के ट्वीट से भड़के जैजी बी, वायरल हुआ पंजाबी सिंगर का TWEET

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(फोटो साभारः Instagram @akshaykumar)

(फोटो साभारः Instagram @akshaykumar)

किसान आंदोलन को लेकर बॉलीवुड अक्षय कुमार (Akshay Kumar) के लेटेस्ट ट्वीट पर पंजाबी सिंगर जैजी बी (Jazzy B) ने कमेंट किया है. उन्होंने अक्षय को फेक किंग बताया है. पंजाबी सिंगर का यह ट्वीट वायरल हो गया है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    February 4, 2021, 6:12 PM IST

नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के किसान आंदोलन पर कमेंट करने बॉलीवुड के कई सितारे नाराज हो गए हैं. रिहाना (Rihanna), ग्रेटा थनबर्ग और मिया खलीफा जैसी शख्सीयतें किसान आंदोलन को लेकर भारत सरकार के रवैये को लेकर ट्वीट कर चुकी हैं. हाल में रिहाना ने एक खबर को रीट्वीट करते हुए ट्विटर पर लिखा था, ‘कोई इस तरह ध्यान क्यों नहीं दे रहा.’ रिहाना का यह ट्वीट तमाम बॉलीवुड सितारों को रास नहीं आ रहा है और वह सरकार की वकालत में उतर आए हैं. हाल में इस लिस्ट में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) का नाम जुड़ा है. उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि किसान हमारे देश का महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी समस्याओं को निपटाने के लिए उठाए गए कदम सभी के सामने हैं. आइए सौहार्दपूर्ण समाधान का समर्थन करें, न कि बांटने वाली बातों पर ध्यान दें.

अक्षय के इस ट्वीट पर पंजाबी सिंगर जैजी बी (Jazzy B) ने रिएक्शन दिया है और उन्हें फेक किंग बताया है. जैजी बी (Jazzy B) ने अक्षय के ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘वाह जी वाह, भाई अब ट्वीट कर रहे हो! किसान दो महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, तब आपके पास से एक ट्वीट नहीं हुआ और अब उसे प्रोपेगैंडा बता रहे हैं. ओह, तुम सिंह इज किंग नहीं हो सकते, क्योंकि असली किंग तो धरने पर बैठे हैं! फेक किंग अक्षय कुमार (Akshay Kumar).’

(फोटो साभारः Twitter @jazzyb)

किसानों के मुद्दे पर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की तरह कंगना रनौत (Kangana Ranaut), अजय देवगन और करण जौहर भी सरकार की वकालत कर चुके हैं. दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा ने अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की किसान आंदोलन में टिप्पणी को गर्व की बात कहा है. साथ में वह यह कहना भी नहीं भूले कि भारत सरकार किसानों का दर्द नहीं समझ पा रही है.किसान लंबे समय से सरकार द्वारा कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे. सरकार के साथ कई बैठकें होने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान निकल कर नहीं आ पाया है. किसान तीनों कानूनों की वापसी की अपनी मांग पर डटे हुए हैं.






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