अल-बेरूनी: समय को ‘क़ैद करने’ की कोशिश करने वाले वैज्ञानिक, जिन्हें भारतीय सभ्यता में रुचि थी

[ad_1]

अल-बेरूनी

बीबीसी रेडियो थ्री की श्रृंखला, ‘इस्लाम का स्वर्ण युग’, में सन् 750 से 1258 तक का अध्ययन किया गया है, जिसमें उस समय की वास्तुकला, धार्मिक अनुसंधान, चिकित्सा, आविष्कार और दर्शन के क्षेत्र में किये गए कार्यों का उल्लेख है.

इस कड़ी में, प्रोफ़ेसर जेम्स मॉन्टगोमेरी दसवीं शताब्दी के वैज्ञानिक अल-बेरूनी के जीवन पर नज़र डाल रहे हैं जो एक खगोल गणितज्ञ थे और जिन्होंने अपना अधिकांश जीवन खगोल विज्ञान और क्रोनोमीटरी (समय को सही मापने का वैज्ञानिक ज्ञान) के ज़रिये समय को मापने में गुज़ारा.

अबू रेहान मोहम्मद इब्ने अल-बेरूनी को समय, यानी भूत, वर्तमान और भविष्य से बहुत लगाव था.

समय के बारे में उनके पागलपन का कारण वास्तव में अल्लाह का क़ुरान में दिया गया यह आदेश था – “सूर्य और चंद्रमा की गति पर विचार करो.”

[ad_2]

Source link

Related Articles

Stay Connected

0FansLike
3,427FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles

%d bloggers like this: